जयपुर | राजस्थान में कांग्रेस-भाजपा के किले में तीसरा मोर्चा सेंध मारने की तैयारी जुटा हुआ है।
इसके लिए आम आदमी पार्टी ने भी पूरी तरह से कमर कस ली है। भाजपा ने अपनी पहली सूची जारी कर दी है वहीं, अभी कांग्रेस का इंतजार बढ़ता जा रहा है।
ऐसे में लग रहा है कि कहीं कांग्रेस से पहले आम आदमी पार्टी की सूची जारी न हो जाए।
’आप’ की सूची को लेकर शुक्रवार को राजस्थान के प्रदेश प्रभारी विनय मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रत्याशियों की लिस्ट तैयार है।
आलाकमान जल्द ही पार्टी प्रत्याशियों के नामों की पहली सूची जारी करने वाला है।
पार्टी के कार्यकर्ता निश्चिंत होकर चुनाव लडने के लिए तैयार रहें आम आदमी पार्टी राजस्थान में पूरे दम खम के साथ चुनाव लड़ेगी।
प्रदेश प्रभारी विनय मिश्रा ने कहा कि विधानसभा प्रत्याशियों को लेकर काफी विचार-विमर्श करने के बाद प्रत्याशियों की सूची पीएसी को भेज दी गई है।
उम्मीद है कि नवरात्रि के पहले या दूसरे दिन हाईकमान द्वारा प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर दी जाएगी।
प्रदेश प्रभारी ने कहा कि प्रत्याशियों का चयन पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारियों के परफॉर्मेंस के आधार पर किया गया है, फिर चाहें वो ग्राम स्तर, जिला स्तर के कार्यक्रम हों या अरविंद केजरीवाल जी की गारंटियों को जन-जन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी हो।
पार्टी पूरी ऊर्जा और ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। प्रदेश के कार्यकर्ता पूरी ताकत और जोश के साथ मैदान में डटे रहें प्रदेश में आने वाला वक्त आम आदमी का है, और आम आदमी पार्टी का है।
आप की सरकार आने पर राजस्थान वासियों को एक सक्षम और सशक्त सरकार मिलेगी जो सिर्फ और सिर्फ जनहित के लिए काम करेगी।
उन्होंने कहा कि बीजेपी आम आदमी पार्टी की बढ़ती ताकत और लोकप्रियता से घबराई हुई है, प्रधानमंत्री मोदी को ये एहसास हो गया है कि आम आदमी पार्टी को अगर कमज़ोर करना है तो पहले उन नेताओं की आवाज़ को बंद करो जो जनता की आवाज़ बने हुए हैं।
विनय मिश्रा ने बीजेपी को चेताते हुए कहा कि केंद्र की तानाशाह सरकार कितने संजय सिंह को झूठे मामलों में फंसा कर गिरफ्तार करेगी।
आम आदमी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह है।
संजय सिंह वो शेर है जिसकी दहाड़ भर से बीजेपी और केंद्र सरकार की बोलती बंद हो जाती है।
देश की जनता केंद्र की तानाशाही को देख रही है और इसका परिणाम केंद्र की मोदी सरकार को 2024 लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।