राजस्थान

RPS को धमकी और हमला: अजमेर में प्रशिक्षु RPS दीपेंद्र सैनी को दी धमकी, आरोपी ने कहा- 'नौकरी करना भुला दूंगा', हमले में अंगुली जख्मी

मानवेन्द्र जैतावत · 28 मार्च 2026, 07:18 शाम
अजमेर के मांगलियावास में सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी के मामले में पूछताछ करने पहुंचे प्रशिक्षु आरपीएस दीपेंद्र सैनी पर आरोपी ने हमला कर दिया। आरोपी ने न केवल उन्हें जान से मारने की धमकी दी, बल्कि गेट से चोटिल भी कर दिया।

अजमेर | राजस्थान के अजमेर जिले के मांगलियावास थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने गई पुलिस टीम पर हमले का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। यहां एक प्रशिक्षु आरपीएस (RPS) अधिकारी को न केवल शारीरिक चोट पहुंचाई गई, बल्कि उन्हें सरेआम धमकी भी दी गई। प्रशिक्षु आरपीएस दीपेंद्र सैनी, जो वर्तमान में मांगलियावास थाने के प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं, शुक्रवार को अपनी टीम के साथ ग्राम डुमाडा पहुंचे थे। वहां एक जांच के दौरान आरोपी ने उन पर हमला कर दिया।

विवाद की पृष्ठभूमि

पूरा मामला डुमाडा के पूर्व सरपंच की मृत्यु और उनके कार्यकाल के दौरान हुए कार्यों की जांच से जुड़ा है। ग्रामीण इस मामले में प्रशासनिक जांच की मांग को लेकर काफी समय से सक्रिय थे। ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को ज्ञापन भी सौंपा था। इसी दौरान यह बात सामने आई कि कुछ असामाजिक तत्व फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर माहौल बिगाड़ने वाली भड़काऊ टिप्पणियां कर रहे हैं।

पुलिस की दबिश और आरोपी का व्यवहार

एसपी के आदेशानुसार, आरपीएस दीपेंद्र सैनी पुलिस जाप्ते के साथ आरोपियों को समझाने और पूछताछ करने के लिए गांव गए थे। पुलिस का उद्देश्य केवल शांति व्यवस्था बनाए रखना और कानून का पालन सुनिश्चित करवाना था। पुलिस की टीम सबसे पहले आरोपी गोपाल गुर्जर के निवास पर पहुंची, लेकिन वह वहां अनुपस्थित मिला। इसके बाद टीम दूसरे संदिग्ध श्याम लाल उर्फ सांवरा के घर की ओर रवाना हुई, जहां वह मिल गया।

हिंसक हुआ आरोपी

जैसे ही पुलिस ने श्याम लाल से पूछताछ शुरू की, उसने पुलिस को गच्चा देकर भागने का प्रयास किया। जब आरपीएस सैनी और उनके साथियों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने घर का लोहे का गेट पूरी ताकत से घुमा दिया। गेट की चपेट में आने से आरपीएस दीपेंद्र सैनी के दाएं हाथ की अंगुली में गहरी चोट आई और वे लहूलुहान हो गए। आरोपी का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ और उसने अधिकारी को सीधे तौर पर चुनौती दे डाली।

वर्दी को दी चुनौती

आरोपी ने चिल्लाते हुए कहा, "तुम अभी नए अधिकारी हो, मेरी ताकत को नहीं जानते। अगर अपनी खैर चाहते हो तो यहां से तुरंत भाग जाओ, वरना तुम्हारी नौकरी छुड़वा दूंगा और काम करना भुला दूंगा।" एक लोक सेवक को ड्यूटी के दौरान इस तरह की धमकी देना कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। घायल होने के बावजूद पुलिस टीम ने संयम बनाए रखा, लेकिन आरोपी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है।

कानूनी प्रक्रिया और जांच

घटना के तुरंत बाद आरपीएस सैनी को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके पश्चात, आरोपी श्याम लाल के विरुद्ध राजकीय कार्य में बाधा डालने और लोक सेवक पर हमला करने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस संवेदनशील मामले की जांच पीसांगन थाना प्रभारी सरोज चौधरी को सौंपी गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्दी पर हाथ उठाने वाले और कानून की अवहेलना करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने वाले अन्य संदिग्धों की भी तलाश कर रही है ताकि शांति भंग न हो।

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