जयपुर | मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने रविवार को सांगानेर स्थित कॉमन एफलुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) एवं द्रव्यवती नदी क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया।
सांगानेर CETP का मुख्य सचिव ने किया दौरा: जयपुर: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सांगानेर CETP और द्रव्यवती नदी का किया निरीक्षण, 134 उद्योगों को जल्द जोड़ने के दिए निर्देश
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सांगानेर स्थित कॉमन एफलुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का निरीक्षण किया। उन्होंने द्रव्यवती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने हेतु शेष औद्योगिक इकाइयों को जल्द सीईटीपी से जोड़ने के निर्देश दिए।
HIGHLIGHTS
- मुख्य सचिव ने सांगानेर में 12.3 एमएलडी क्षमता वाले सीईटीपी और द्रव्यवती नदी क्षेत्र का जायजा लिया।
- ब्राह्मणों की ग्वार में प्रस्तावित पंपिंग स्टेशन का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
- वर्तमान में 892 में से 758 उद्योग सीईटीपी से जुड़े हैं, शेष 134 को जल्द जोड़ने का लक्ष्य है।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषी उद्योगों के विरुद्ध राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मण्डल सख्त कार्रवाई करेगा।
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औद्योगिक इकाइयों को जोड़ने के निर्देश
मुख्य सचिव ने सांगानेर एनवायरों प्रोजेक्ट डवलपमेंट को निर्देश दिए कि ब्राह्मणों की ग्वार में प्रस्तावित पंपिंग स्टेशन का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए। इस पंपिंग स्टेशन के निर्माण से क्षेत्र के शेष 134 उद्योगों को सीईटीपी से जोड़ा जा सकेगा, जिससे औद्योगिक जल का सही निस्तारण सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी औद्योगिक इकाइयों को सीईटीपी से शीघ्र जोड़ा जाए ताकि पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
तकनीकी खामियों का निवारण
मुख्य सचिव ने कहा कि सांगानेर एनवायरों प्रोजेक्ट डवलपमेंट को अपने सदस्यों के साथ मिलकर प्लांट के संचालन में आ रही तकनीकी खामियों को दूर करना होगा। इसके लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर राज्य सरकार को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्लांट अपनी पूर्ण क्षमता के साथ कार्य कर सके। सीईटीपी के बेहतर संचालन से न केवल उद्योगों को लाभ होगा, बल्कि द्रव्यवती नदी की स्वच्छता भी बनी रहेगी, जो शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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प्रदूषण फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
मुख्य सचिव ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल को सख्त निर्देश दिए कि नियमों की पालना नहीं करने वाले दोषी उद्योगों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्यवाही की जाए। द्रव्यवती नदी में प्रदूषित औद्योगिक जल डालने की समस्या का स्थाई समाधान खोजने के लिए मण्डल को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया है। सभी वस्त्र प्रसंस्करण उद्योगों के लिए मण्डल से अनिवार्य सम्मति (Consent) प्राप्त करना आवश्यक होगा, इसके बिना उद्योग का संचालन गैर-कानूनी माना जाएगा।
सीईटीपी की वर्तमान स्थिति
सांगानेर एनवायरों प्रोजेक्ट डवलपमेंट के अनुसार, सांगानेर में वर्तमान में 12.3 एमएलडी क्षमता के सीईटीपी का संचालन किया जा रहा है जो 892 उद्योगों के लिए है। वर्तमान में इन 892 वस्त्र प्रसंस्करण उद्योगों में से केवल 758 उद्योग ही प्लांट से जुड़ पाए हैं, जबकि 134 उद्योगों का जुड़ाव अभी लंबित है।
महत्वपूर्ण बैठक की अनुपालना
यह निरीक्षण 28 मार्च को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित 'राज उन्नति' की तीसरी बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना के तहत किया गया है। निरीक्षण के दौरान डॉ. देबाशीष पृष्टी, आयुक्त सिद्धार्थ महाजन और सदस्य सचिव कपिल चंद्रवाल सहित जेडीए और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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