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रामनवमी और संत राजाराम जन्मोत्सव: जोधपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बोले- 'प्रभु श्रीराम सनातन के गौरव और भारत की आत्मा', संत राजाराम जी के 144वें जन्मोत्सव में हुए शामिल

प्रदीप बीदावत · 26 मार्च 2026, 12:46 दोपहर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जोधपुर के शिकारपुरा में रामनवमी मेले और संत राजाराम जी महाराज के जन्मोत्सव पर आयोजित भव्य समारोह को संबोधित किया। उन्होंने श्रीराम को सत्य का संवाहक और धर्म का रक्षक बताया।

जोधपुर |  राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने जोधपुर जिले के शिकारपुरा (लूणी) में एक विशेष आध्यात्मिक समागम को संबोधित किया। यह अवसर था प्रभु श्रीराम के पावन पर्व रामनवमी और सिद्ध संत राजाराम जी महाराज के 144वें जन्मोत्सव का। मुख्यमंत्री ने इस दोहरे उत्सव को आध्यात्मिक परंपरा का एक अद्भुत और पावन संगम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर समाज में नई ऊर्जा का संचार करते हैं।

प्रभु श्रीराम: सनातन संस्कृति के आधार स्तंभ

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम केवल एक राजा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और हमारी सनातन संस्कृति के गौरव हैं। वे मर्यादा के प्रतीक हैं जिन्होंने सत्य और धर्म की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। श्रीराम का जीवन हमें सिखाता है कि कर्तव्य और करुणा का स्थान किसी भी पद से ऊपर होता है।
शर्मा ने आगे कहा कि आज पूरा देश राममय हो रहा है। प्रभु श्रीराम के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने त्रेता युग में थे। उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलकर ही एक आदर्श समाज की स्थापना संभव है। मुख्यमंत्री ने शिकारपुरा धाम में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

संत राजाराम जी महाराज का समाज सुधार में योगदान

सिद्ध संत राजाराम जी महाराज के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें एक महान तपस्वी और समाज सुधारक बताया। उन्होंने कहा कि संत राजाराम जी ने प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने और लोगों को व्यसन मुक्त बनाने के लिए अपना जीवन लगा दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत राजाराम जी जैसे महापुरुषों के कारण ही हमारी आध्यात्मिक विरासत आज भी सुरक्षित है। उनके द्वारा स्थापित शिकारपुरा आश्रम आज लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां आकर मन को शांति और नई दिशा मिलती है। उन्होंने शिकारपुरा धाम के गादीपति संत दयाराम जी महाराज से आशीर्वाद भी लिया।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण हो रहा है। अयोध्या में प्रभु रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। इसके साथ ही वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर और उज्जैन के महाकाल महालोक कॉरिडोर जैसे तीर्थस्थलों का कायाकल्प किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार तीर्थस्थलों के आधारभूत ढांचे को मजबूत कर रही है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री का विजन भारत को उसकी खोई हुई सांस्कृतिक पहचान वापस दिलाना है। आज दुनिया भारत की समृद्ध विरासत और आध्यात्मिक शक्ति को सम्मान की दृष्टि से देख रही है।

बेटी बचाओ और गौ संरक्षण पर विशेष ध्यान

राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह का उन्मूलन और बालिका शिक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत बालिकाओं के सम्मान के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वे बेटियों को शिक्षित बनाने में अपना पूरा सहयोग दें।
गौवंश के संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रदेश की गौशालाओं को 3 हजार 400 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया जा चुका है। साथ ही, 1 लाख 37 हजार से अधिक निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया गया है। गौ सेवा हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है।

धार्मिक पर्यटन और वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा

राजस्थान के धार्मिक स्थलों को सांस्कृतिक चेतना के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राजकीय मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए 25 करोड़ 38 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे मंदिरों में उत्सवों का आयोजन और बेहतर तरीके से हो सकेगा।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलाई जा रही तीर्थ यात्रा योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक 86 हजार से अधिक बुजुर्गों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा करवाई जा चुकी है। सरकार चाहती है कि प्रदेश का हर बुजुर्ग अपने जीवनकाल में पावन धामों के दर्शन कर सके। यह योजना बुजुर्गों के प्रति हमारे सम्मान का प्रतीक है।

जोधपुर का विकास और रोजगार के अवसर

जोधपुर के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कई घोषणाओं और कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जोधपुर को एलिवेटेड रोड की सौगात देने के लिए काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा, रामजल सेतु लिंक परियोजना और इंदिरा गांधी नहर के पुनर्निर्माण से क्षेत्र में पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा रहा है।
युवाओं के भविष्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित कर रही है। भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है ताकि योग्य युवाओं को उनका हक मिल सके। प्रदेश की हर विधानसभा का सर्वांगीण विकास सरकार का लक्ष्य है।

विशिष्ट अतिथियों का संबोधन

इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने लोगों से राम के सिद्धांतों को आत्मसात करने की अपील की। गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी ने संत दयाराम जी के नेतृत्व में समाज के व्यसन मुक्त होने की सराहना की। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और सांसद मदन राठौड़ ने भी संत राजाराम जी की महिमा का बखान किया।

कार्यक्रम के दौरान पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने शिकारपुरा मेले का अवलोकन किया और मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था और पूरा वातावरण 'जय श्री राम' के उद्घोष से गुंजायमान रहा।

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