राजनीति

हूतियों की ईरान को बड़ी चेतावनी: ईरान जंग में कूदे हूती विद्रोही: अमेरिका और इजरायल को दी खुली चुनौती, रेड सी पर खींची लक्ष्मण रेखा

मानवेन्द्र जैतावत · 28 मार्च 2026, 03:56 रात
यमन के हूती विद्रोहियों ने ईरान के समर्थन में युद्ध में कूदने का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका या इजरायल के साथ कोई अन्य देश शामिल हुआ, तो वे सैन्य हस्तक्षेप करेंगे।

सना | यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने पश्चिम एशिया में तनाव के बीच बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ईरान के समर्थन में युद्ध में शामिल होने को तैयार हैं। विद्रोहियों ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका और इजरायल सैन्य कार्रवाई तेज करते हैं, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। यह घोषणा वैश्विक समुद्री मार्गों के लिए नई चिंताएं पैदा कर रही है।

खामेनेई के वफादार हुए सक्रिय

ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई ने हूतियों को एक शक्तिशाली सैन्य बल बनाया था। खामेनेई ने जिसे 'बब्बर शेर' की तरह पाला, वह अब अपने आका की मौत का बदला लेने को बेताब है। हूतियों ने साफ कर दिया कि वे ईरान के खिलाफ किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे। उन्होंने इसे अपनी 'लक्ष्मण रेखा' करार दिया है।

सऊदी और यूएई को धमकी

हूतियों ने सऊदी अरब और यूएई को भी कड़े शब्दों में आगाह किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन देशों ने अमेरिका या इजरायल को सैन्य सहायता दी, तो वे भी युद्ध का हिस्सा बनेंगे। सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि किसी भी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अरब देशों को इस संघर्ष से दूर रहने की सलाह दी है।

लाल सागर पर मंडराया खतरा

हूतियों ने रेड सी के इस्तेमाल को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यदि इस मार्ग का उपयोग ईरान के खिलाफ हुआ, तो वे सीधे हमला करेंगे। लाल सागर वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण जलमार्ग है। हूतियों की धमकी से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और तेल की कीमतों पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

युद्ध की ओर बढ़ता क्षेत्र

फिलहाल, हूतियों की तैयारी ने इजरायल और अमेरिका के लिए नई चुनौतियां पैदा कर दी हैं। यह समूह अब सीधे सैन्य दखल की बात कर रहा है, जो बड़े क्षेत्रीय युद्ध का संकेत है। हूतियों के पास मौजूद मिसाइलें और ड्रोन इस संघर्ष को घातक बना सकते हैं। पूरी दुनिया की नजरें अब इस क्षेत्र की अगली सैन्य हलचल पर टिकी हुई हैं।

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