भारत

रेलवे स्टेशनों का नया कायाकल्प: भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: 76 स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन के लिए एआई तकनीक, वॉर रूम और अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी लागू

मानवेन्द्र जैतावत · 28 मार्च 2026, 06:54 शाम
रेल मंत्रालय देश के 76 प्रमुख स्टेशनों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर रहा है। इसमें एआई-सक्षम सीसीटीवी, क्यूआर आईडी और बेहतर यात्री प्रबंधन प्रणालियां शामिल हैं।

नई दिल्ली | भारतीय रेल यात्रा को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में इसकी विस्तृत योजना साझा की है।

सरकार ने देशभर के 76 व्यस्त स्टेशनों की पहचान की है जिन्हें अत्याधुनिक सुविधाओं से पूरी तरह सुसज्जित किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भीड़भाड़ वाले समय में यात्रियों के प्रवाह को व्यवस्थित करना है।

इन चिन्हित स्टेशनों पर स्थायी प्रतीक्षा स्थलों का निर्माण किया जा रहा है। ये क्षेत्र आधुनिक सुख-सुविधाओं जैसे बैठने की उत्तम व्यवस्था, पेयजल और शौचालयों से युक्त होंगे।

नई दिल्ली मॉडल की सफलता

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यह मॉडल पहले ही सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। यहाँ यात्रियों के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर और स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीनें (ATVM) स्थापित की गई हैं।

स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन सूचना बोर्ड, सीसीटीवी निगरानी और सामान की जांच के लिए आधुनिक स्कैनर लगाए गए हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा में भारी सुधार देखा गया है।

यहाँ पुरुषों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा आरओ पेयजल और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

सख्त प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था

रेलवे अब पूर्ण प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत केवल पुष्ट आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को ही प्लेटफार्मों पर सीधे प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

बिना टिकट वाले या प्रतीक्षा सूची में शामिल यात्रियों के लिए स्टेशन के बाहर विशेष प्रतीक्षा स्थल बनाए जाएंगे। इससे प्लेटफार्मों पर होने वाली अनावश्यक भीड़ को रोका जा सकेगा।

यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए फुटओवर ब्रिज (FOB) के डिजाइन में बदलाव किया गया है। अब 12 मीटर और 6 मीटर चौड़ाई वाले मानक एफओबी सभी स्टेशनों पर लगाए जाएंगे।

एआई और डिजिटल तकनीक का उपयोग

सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए स्टेशनों पर एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे भीड़ के घनत्व का विश्लेषण कर सुरक्षा बलों को तुरंत अलर्ट भेजेंगे।

प्रमुख स्टेशनों पर विशेष 'वॉर रूम' तैयार किए जा रहे हैं। यहाँ सभी विभागों के अधिकारी एक साथ बैठकर आपात स्थितियों और भीड़भाड़ का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करेंगे।

संचार को बेहतर बनाने के लिए वॉकी-टॉकी और आधुनिक डिजिटल घोषणा प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा। इससे यात्रियों तक सूचनाएं तेजी से और स्पष्ट रूप से पहुंच सकेंगी।

प्रशासनिक सुधार और नई पहचान

स्टेशन परिसर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कर्मचारियों को क्यूआर-आधारित पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। इससे अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर लगाम लगेगी।

रेलवे कर्मचारियों को नई डिजाइन की वर्दी भी दी जाएगी। यह विशेष वर्दी संकट की स्थिति में यात्रियों को रेलवे कर्मियों की पहचान करने में मदद करेगी।

स्टेशन प्रबंधन को सशक्त बनाने के लिए स्टेशन निदेशक के पद को अपग्रेड किया गया है। अब उन्हें स्टेशन सुधार के लिए मौके पर ही निर्णय लेने की वित्तीय शक्तियां प्राप्त होंगी।

टिकट बिक्री पर नियंत्रण

स्टेशन निदेशक को अब स्टेशन की क्षमता और उपलब्ध ट्रेनों की संख्या के आधार पर टिकटों की बिक्री को नियंत्रित करने का विशेष अधिकार दिया गया है।

यह निर्णय प्लेटफॉर्म पर क्षमता से अधिक भीड़ को रोकने में सहायक सिद्ध होगा। एकीकृत कमान के तहत सभी विभाग अब सीधे स्टेशन निदेशक को ही रिपोर्ट करेंगे।

रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन सुविधाओं का कार्यान्वयन विभिन्न चरणों में है। सरकार का लक्ष्य रेल यात्रा को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप बनाना है।

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)