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ईरान-अमेरिका युद्ध: बोइंग विमान तबाह: ईरानी हमले में अमेरिका का $700 मिलियन का बोइंग E-3 विमान तबाह, कुवैत में 1 भारतीय की मौत: मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर

प्रदीप बीदावत · 30 मार्च 2026, 09:20 सुबह
ईरान ने सऊदी अरब में अमेरिकी एयरबेस पर बड़ा हमला किया है, जिसमें एक कीमती बोइंग विमान नष्ट हो गया। वहीं कुवैत में हुए हमले में एक भारतीय की जान चली गई है।

तेहरान/वॉशिंगटन | मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है। ईरान ने दावा किया है कि उसने सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भीषण हमला किया है। ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, यह हमला सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाकर किया गया। इस हमले में अमेरिकी सेना को भारी नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस हमले में अमेरिका का एक अत्यंत आधुनिक बोइंग E-3 सेंट्री विमान पूरी तरह नष्ट हो गया है। यह विमान अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ माना जाता है।

$700 मिलियन का बोइंग विमान खाक

बोइंग E-3 सेंट्री विमान एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) का हिस्सा है। यह रडार के जरिए सैकड़ों किलोमीटर दूर तक दुश्मनों की निगरानी करने में सक्षम है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के पास इस तरह के केवल 16 विमान ही सक्रिय अवस्था में मौजूद थे। इस एक विमान की कीमत लगभग 700 मिलियन डॉलर (करीब 5,800 करोड़ रुपये) बताई जा रही है। ईरान ने इस हमले को अंजाम देने के लिए 6 शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइलों और 29 आत्मघाती ड्रोनों का इस्तेमाल किया। हमले के समय एयरबेस पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की खबर

इस हमले में 10 से 15 अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की खबर है। बताया जा रहा है कि इनमें से 5 सैनिकों की हालत गंभीर है और 2 की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। प्रिंस सुल्तान एयर बेस रियाद से लगभग 96 किलोमीटर दूर स्थित है। हालांकि इसे सऊदी अरब की वायुसेना संचालित करती है, लेकिन यहां बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक और उपकरण तैनात रहते हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अभी तक इस नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हालांकि, क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अमेरिकी सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

कुवैत में भारतीय नागरिक की मौत

युद्ध की यह आग अब पड़ोसी देशों तक भी फैलने लगी है। कुवैत के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक बिजली और पानी के प्लांट पर रविवार को भीषण हमला हुआ। कुवैत के बिजली और पानी मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। मृतक वहां एक सर्विस बिल्डिंग में कार्यरत था। हमले के बाद प्लांट में भीषण आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की कई टीमों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। कुवैत ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है।

डोनाल्ड ट्रम्प के चौंकाने वाले दावे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की आंतरिक स्थिति को लेकर बेहद चौंकाने वाले दावे किए हैं। उन्होंने कहा है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। ट्रम्प के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई भी या तो मारे गए हैं या गंभीर घायल हैं। ट्रम्प ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि अब अमेरिका जिन लोगों से बात कर रहा है, वे पूरी तरह से अलग और पेशेवर समूह के लोग हैं।

ईरान की 15 मांगें और तेल का खेल

ट्रम्प ने यह भी खुलासा किया कि ईरान ने अमेरिका द्वारा रखी गई 15 मांगों में से ज्यादातर को स्वीकार कर लिया है। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से ईरान तक पहुंचाया गया था। ट्रम्प ने दावा किया कि बातचीत के संकेत के रूप में ईरान ने 20 बड़े तेल जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है। ये जहाज जल्द ही अमेरिका पहुंचेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करता है, तो उसके पास अपना देश बचाने का कोई रास्ता नहीं बचेगा। अमेरिका खार्ग द्वीप पर कब्जे पर भी विचार कर रहा है।

खार्ग द्वीप पर कब्जे की योजना

खार्ग द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए जीवनरेखा की तरह है। ईरान का लगभग 90 प्रतिशत तेल निर्यात इसी द्वीप के माध्यम से होता है। व्हाइट हाउस के अधिकारियों का मानना है कि अगर अमेरिका इस द्वीप पर नियंत्रण कर लेता है, तो ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड की आर्थिक कमर पूरी तरह टूट जाएगी। दूसरी ओर, ईरान ने भी संभावित हमले को देखते हुए खार्ग द्वीप पर अपने एयर डिफेंस सिस्टम को और मजबूत कर दिया है। वहां अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की गई है।

भारत के लिए राहत की खबर

तनाव के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर आई है। भारत आ रहे दो बड़े LPG टैंकरों ने सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट को पार कर लिया है। BW TYR और BW ELM नाम के इन जहाजों पर 94 हजार मीट्रिक टन रसोई गैस लदी है। भारतीय नौसेना के युद्धपोत इन जहाजों को सुरक्षा घेरा प्रदान कर रहे हैं। जहाज पर मौजूद भारतीय क्रू मेंबर्स ने तिरंगा लहराकर 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। ये टैंकर इसी सप्ताह मुंबई के बंदरगाह पर पहुंच सकते हैं।

इजराइल के केमिकल प्लांट पर हमला

ईरान ने इजराइल के भीतर भी अपने हमले तेज कर दिए हैं। रविवार को दक्षिणी इजराइल के नेओत होवाव इंडस्ट्रियल जोन में स्थित एक केमिकल प्लांट को निशाना बनाया गया। मिसाइल हमले के कारण प्लांट में भीषण आग लग गई। इजराइली अधिकारियों ने इलाके में जहरीली गैस फैलने के डर से लोगों को वहां से दूर रहने की सलाह दी है। हिजबुल्लाह ने भी उत्तरी इजराइल के मेटुला शहर पर रॉकेट दागे हैं। लेबनान सीमा पर इजराइली सैनिकों और हिजबुल्लाह लड़ाकों के बीच सीधी जंग जारी है।

पाकिस्तान की कूटनीतिक पहल

इस महायुद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान ने बड़ी कूटनीतिक पहल शुरू की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के साथ बैठक की है। पाकिस्तान का कहना है कि वह इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत की मेजबानी करने के लिए तैयार है। चारों देशों ने माना कि यह युद्ध किसी के हित में नहीं है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वॉशिंगटन और तेहरान इस मेज पर बैठने के लिए तैयार होंगे या नहीं। मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदें फिलहाल धुंधली नजर आ रही हैं।

वैश्विक बाजारों में हाहाकार

युद्ध के बढ़ते खतरे ने दुनिया भर के शेयर बाजारों को हिलाकर रख दिया है। जापान का निक्केई इंडेक्स 5 प्रतिशत तक टूट गया, जिससे निवेशकों के अरबों डॉलर डूब गए। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। IAEA ने भी रिपोर्ट दी है कि ईरान का खोंदाब हैवी वाटर प्लांट हमलों के कारण बंद हो गया है। परमाणु निगरानी संस्था ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया है।

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