राजस्थान

जयपुर स्टेडियम पर सियासी घमासान: जयपुर में बन रहा दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम क्यों अटका? अशोक गहलोत ने 'इंतज़ारशास्त्र' से भजनलाल सरकार को घेरा

मानवेन्द्र जैतावत · 28 मार्च 2026, 03:02 दोपहर
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर के चौंप में बन रहे विश्व के तीसरे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम के काम में देरी को लेकर भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के कारण यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अधर में लटका हुआ है।

जयपुर | राजस्थान की राजनीति में इन दिनों 'इंतज़ारशास्त्र' शब्द की काफी गूंज सुनाई दे रही है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी इस विशेष सोशल मीडिया सीरीज के माध्यम से वर्तमान भजनलाल सरकार पर लगातार हमलावर हैं। शनिवार को गहलोत ने इस सीरीज का छठा अध्याय (Chapter 6) जारी किया। इस बार गहलोत के निशाने पर जयपुर के चौंप गांव में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम है। यह स्टेडियम न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। निर्माणाधीन यह स्टेडियम आकार और क्षमता के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम होने वाला है। गहलोत ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक कारणों से इस प्रोजेक्ट की गति को जानबूझकर धीमा कर दिया गया है।

विश्व रिकॉर्ड पर राजनीति की छाया

गहलोत ने अपने वीडियो संदेश में गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने राजस्थान को वैश्विक खेल मानचित्र पर स्थापित करने का सपना देखा था। इसी उद्देश्य से जयपुर के पास चौंप में इस भव्य स्टेडियम की आधारशिला रखी गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री का दावा है कि इस प्रोजेक्ट का काम वर्ष 2024 तक पूरा हो जाना चाहिए था। हालांकि, अब 36 महीने से अधिक का समय बीत चुका है और काम की स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के चलते इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। गहलोत ने इसे राजस्थान के गौरव और खेल प्रेमियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया है।

करोड़ों का निवेश और खिलाड़ियों का नुकसान

स्टेडियम के निर्माण पर अब तक करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। गहलोत ने सवाल उठाया कि जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा खर्च होने के बाद भी खिलाड़ियों को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा? उन्होंने कहा कि राजस्थान के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपनी ही धरती पर अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका नहीं मिल पा रहा है। इस देरी का सीधा असर राज्य की खेल संस्कृति और पर्यटन पर भी पड़ रहा है। अगर यह स्टेडियम समय पर तैयार होता, तो जयपुर में आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैचों का आयोजन बड़े स्तर पर किया जा सकता था। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती और रोजगार के अवसर पैदा होते।

RCA और प्रशासनिक शून्यता का संकट

गहलोत ने केवल बुनियादी ढांचे की ही बात नहीं की, बल्कि खेल प्रशासन की खामियों को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव पिछले दो वर्षों से लंबित हैं। प्रशासनिक शून्यता के कारण क्रिकेट के विकास से जुड़े फैसले सही समय पर नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार की अरुचि के कारण राजस्थान में क्रिकेट का भविष्य अब अंधकारमय नजर आ रहा है। खेल प्रेमियों और स्थानीय निवासियों में भी इस देरी को लेकर काफी असंतोष है। अब देखना यह है कि भजनलाल सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और स्टेडियम का काम कब तक पूरा होता है।

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