कोटा | शिक्षा की काशी के रूप में विख्यात कोटा ने एक बार फिर चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। कोटा मेडिकल कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले दो रेजिडेंट डॉक्टरों ने राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस (RUHS) की परीक्षा में पूरे प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
ऐतिहासिक सफलता और स्वर्ण पदक
कोटा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. नीलेश जैन ने बताया कि यूरोलॉजी विभाग के डॉ. संजय कुमावत और न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ. प्रकर्श शर्मा ने यह गौरव हासिल किया है। आरयूएचएस द्वारा नवंबर 2025 में आयोजित की गई परीक्षाओं के परिणामों में ये दोनों डॉक्टर राजस्थान टॉपर रहे हैं। इस उपलब्धि के लिए उन्हें विश्वविद्यालय के आगामी 11वें दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक और उपाधि प्रदान की जाएगी।
अंकों का गणित और समर्पण
डॉ. संजय कुमावत ने यूरोलॉजी विषय में 800 में से 549 अंक प्राप्त किए हैं, जो कि 68.62 प्रतिशत है। वहीं, न्यूरोलॉजी के रेजिडेंट रहे डॉ. प्रकर्श शर्मा ने 800 में से 532 अंक हासिल कर 66.50 प्रतिशत के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। दोनों ही डॉक्टरों ने अपनी इस सफलता का श्रेय कॉलेज के प्रोफेसरों के मार्गदर्शन और कठिन परिश्रम को दिया है।
व्यावहारिक ज्ञान से मिली सफलता
मीडिया सेल प्रभारी डॉ. एस.एन. गौतम के अनुसार, इन डॉक्टरों की सफलता का राज केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं था। उन्होंने वार्ड से लेकर ऑपरेशन थिएटर तक मरीजों की सेवा और व्यावहारिक अनुभव पर विशेष ध्यान दिया। विद्यार्थियों के समर्पण और विषय पर उनकी गहरी पकड़ ने ही उन्हें आज इस मुकाम पर पहुँचाया है। उनकी सेवा भावना अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
भविष्य की राह और सम्मान समारोह
वर्तमान में डॉ. संजय कुमावत जयपुर के प्रतिष्ठित एसएमएस मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवा दे रहे हैं। वहीं, डॉ. प्रकर्श शर्मा कोटा मेडिकल कॉलेज में ही असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्य कर रहे हैं। 24 अप्रैल को जयपुर के बिरला सभागार में आयोजित होने वाले समारोह में राज्यपाल और चिकित्सा मंत्री की उपस्थिति में इन्हें सम्मानित किया जाएगा। यह उपलब्धि कोटा के चिकित्सा इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है।
- डॉक्टरों ने मरीजों की सेवा को प्राथमिकता दी।
- दीक्षांत समारोह 24 अप्रैल को जयपुर में होगा।
- कोटा मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन ने खुशी जताई है।
- दोनों अब सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर हैं।