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मदन दिलावर का बड़ा एक्शन: राजस्थान: स्वच्छता में लापरवाही पर मदन दिलावर का कड़ा रुख, 11 अधिकारी सस्पेंड, मची खलबली

thinQ360 · 29 मार्च 2026, 05:00 शाम
मंत्री मदन दिलावर के दौरे के बाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। स्वच्छता मिशन में लापरवाही पर यह कड़ा फैसला लिया गया है।

सीकर | राजस्थान की भजनलाल सरकार में पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर अपने कड़े और बेबाक फैसलों के लिए लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में उनके सीकर दौरे के बाद विभाग ने एक साथ 11 बड़े अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।

यह पूरी कार्रवाई स्वच्छता अभियान के क्रियान्वयन में बरती गई भारी लापरवाही को लेकर की गई है। मंत्री दिलावर ने अपने दौरे के समय ही स्पष्ट कर दिया था कि काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंत्री के दौरे के बाद बड़ा एक्शन

मंत्री मदन दिलावर ने करीब छह दिन पहले सीकर और आसपास के क्षेत्रों का सघन दौरा किया था। इस दौरान कई स्थानों पर गंदगी और अव्यवस्था देख उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही जमकर फटकार लगाई थी।

मंत्री की इस चेतावनी के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि जल्द ही कोई बड़ी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, विपक्ष कार्रवाई में देरी को लेकर लगातार सरकार पर हमलावर था, जिसका अब विभाग ने जवाब दे दिया है।

निलंबित अधिकारियों की सूची

विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, लक्ष्मणगढ़ की विकास अधिकारी रोमा सहारण और रतनगढ़ के सहायक विकास अधिकारी दिलीप कुमार सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इसके अलावा, अतिरिक्त विकास अधिकारी बनवारीलाल मीणा, सहायक अभियंता गोपेश कुमार निराला और पिपराली के प्रगति प्रसार अधिकारी रामप्रसाद बगड़िया पर भी गाज गिरी है।

सूची में लक्ष्मणगढ़ के सहायक अभियंता वीरेन्द्र चाहर, कार्यवाहक विकास अधिकारी सुरेन्द्र कुमार शर्मा और सहायक विकास अधिकारी बीरबल सिंह का नाम भी शामिल है।

सहायक अभियंता महेंद्र कुमार, अतिरिक्त विकास अधिकारी रतनलाल गुर्जर और विकास अधिकारी जगदीश व्यास को भी सस्पेंड किया गया है। इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

को-ऑर्डिनेटरों पर भी हुई कार्रवाई

सिर्फ निलंबन ही नहीं, बल्कि चूरू और सीकर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत काम कर रहे को-ऑर्डिनेटरों को भी स्वच्छता में लापरवाही बरतने के कारण उनके पदों से मुक्त करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

ग्राम पंचायत सांवलोदा धायलान और जसरासर के प्रशासकों को भी उनके पद से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की इस सख्ती ने अन्य अधिकारियों की भी नींद उड़ा दी है।

प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप

इस सामूहिक कार्रवाई के बाद पूरे प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में खलबली मची हुई है। मंत्री मदन दिलावर ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही करने वालों की अब खैर नहीं है।

आने वाले समय में अन्य जिलों में भी इसी तरह की औचक जांच और सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है। फिलहाल सभी निलंबित अधिकारियों को विभागीय मुख्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने को कहा गया है।

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