राजस्थान

कोटा-बूंदी डेयरी विकास की बड़ी योजना: राजस्थान के किसानों के लिए खुशखबरी: कोटा-बूंदी में डेयरी विकास के लिए ओम बिरला और राजीव रंजन सिंह की अहम बैठक

मानवेन्द्र जैतावत · 28 मार्च 2026, 05:18 सुबह
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कोटा-बूंदी क्षेत्र में डेयरी और पशुपालन को सशक्त बनाने के लिए नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस पहल का उद्देश्य आधुनिक तकनीक और सहकारी मॉडल के जरिए किसानों की आय दोगुनी करना है।

कोटा | राजस्थान के कोटा और बूंदी संसदीय क्षेत्र के पशुपालकों और किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। नई दिल्ली स्थित संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस संबंध में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

इस बैठक में केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं के बीच कोटा-बूंदी क्षेत्र में डेयरी क्षेत्र के समेकित और सुदृढ़ विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

सहकारिता के माध्यम से आय बढ़ाना

बैठक का मुख्य उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से डेयरी क्षेत्र को सशक्त बनाना है। ओम बिरला ने जोर दिया कि पशुपालकों और किसानों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी सहकारी संस्थाओं को गांव-गांव तक मजबूत करना अनिवार्य है।

उन्होंने निर्देश दिए कि दुग्ध संकलन को अधिकतम किया जाए। इससे कोटा-बूंदी के किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

आधुनिक तकनीक और डिजिटल भुगतान

लोकसभा अध्यक्ष ने कोटा जिला दुग्ध उत्पादक संघ और उजाला एमपीओ के माध्यम से सहकारिता का विस्तार करने को कहा। उन्होंने मिल्क कलेक्शन पॉइंट्स पर आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष बल दिया।

बैठक में तय हुआ कि सभी मिल्क कलेक्शन पॉइंट्स पर इलेक्ट्रॉनिक दूध परीक्षण उपकरण और बल्क मिल्क कूलर्स स्थापित किए जाएंगे। इससे दूध की गुणवत्ता बनी रहेगी और किसानों को उनके उत्पाद का उचित दाम मिलेगा।

पशुपालकों के लिए 100 प्रतिशत डिजिटल भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इससे प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचेगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।

अमूल मॉडल पर होगा विकास

ओम बिरला ने देश में दुग्ध सहकारिता के सफल मॉडल 'अमूल' का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कोटा दुग्ध संघ को भी उसी तर्ज पर अपने कार्यों का विस्तार करना चाहिए ताकि स्थानीय ब्रांड को मजबूती मिल सके।

दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने और जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने पर भी सहमति बनी। कोटा डेयरी विकास योजना के तहत पशुपालकों को विशेष अनुदान उपलब्ध कराने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।

कोटा में वेटरनरी कॉलेज की सौगात

बैठक में कोटा में प्रस्तावित एनिमल वेटरनरी कॉलेज की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस कॉलेज के खुलने से क्षेत्र में पशु चिकित्सा सेवाओं में बड़ा सुधार होगा और पशुपालकों को विशेषज्ञ सलाह मिल सकेगी।

बजट घोषणा पर चल रही कार्यवाही को गति देने के निर्देश दिए गए। बैठक में लोकसभा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्थान सरकार के पशुपालन विभाग के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सक्रिय रूप से जुड़े।

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