पाली | राजस्थान के पाली जिले में एक बेहद दुखद घटना घटी है, जहां 10वीं कक्षा के एक छात्र ने परीक्षा में फेल होने के कारण आत्महत्या कर ली। 15 साल के इस किशोर ने रविवार रात को अपने घर की पहली मंजिल पर फंदा लगाकर जान दे दी। यह घटना उस समय हुई जब छात्र कुछ देर पहले ही दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलकर लौटा था।
रात 11 बजे तक खेल रहा था क्रिकेट
परिजनों ने बताया कि रविवार की रात करीब 11 बजे तक वह मोहल्ले के अन्य बच्चों के साथ गली में क्रिकेट खेल रहा था। उसे देखकर किसी को अंदाजा नहीं था कि उसके मन में क्या चल रहा है। खेल खत्म होने के बाद वह चुपचाप अपने कमरे में चला गया।
काफी देर तक जब वह नीचे नहीं आया, तो उसकी मां उसे देखने के लिए ऊपर गई। कमरे के अंदर का दृश्य भयावह था; किशोर पंखे से लटका हुआ था। मां के शोर मचाने पर आसपास के लोग और अन्य परिजन मौके पर जमा हो गए। किशोर को तुरंत नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
परीक्षा परिणाम का मानसिक दबाव
परिजनों के अनुसार, 10वीं का रिजल्ट आने के बाद से ही दिनेश (बदला हुआ नाम) काफी गुमसुम रहने लगा था। वह फेल होने के कारण गहरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन में था। हालांकि, परिवार के सदस्यों ने उसे काफी सांत्वना दी थी।
उन्होंने उसे समझाया था कि एक परीक्षा में फेल होने से जिंदगी खत्म नहीं होती और वह दोबारा मेहनत कर सकता है। लेकिन किशोर के मन पर असफलता का बोझ इतना भारी था कि उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। वह लगातार अपनी असफलता को लेकर चिंतित था।
पिता सऊदी अरब में हैं कार्यरत
मृतक के पिता रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब में रहते हैं। घर पर मां और बच्चों की जिम्मेदारी थी। पिता की गैर-मौजूदगी में इस हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और साक्ष्य जुटाए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस अब इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि रिजल्ट के समय बच्चों पर भारी दबाव होता है। ऐसे में माता-पिता को बच्चों के व्यवहार पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। अगर बच्चा गुमसुम दिखे, तो उससे खुलकर बात करना जरूरी है ताकि ऐसे हादसों को समय रहते रोका जा सके।