जयपुर | कर्नाटक विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज कर भाजपा पर ’बजरंगबली’ को लेकर बयानबाजी करने वाली कांग्रेस अब खुद बजरंगबली की शरण में पहुंच रही है।
जी हां, भाजपा के बजरंगबली के बयानों पर तीखा प्रहार कर रही अशोक गहलोत सरकार खुद बजरंगबली की शरण में जाकर चुनावी बिगुल का आगाज करने जा रही है।
बजरंगबली की पूजा अर्चना के बाद ही जादूगर यानि अशोक गहलोत महामंथन को संबोधित करेंगे और चुनावी रणभेरी के लिए कांग्रेसी सैनिकों को कूच का आदेश भी देंगे।
सालासर में होगा महामंथन
दरअसल, राजस्थान कांग्रेस विधानसभा चुनावों के मध्यनजर दो दिन का महामंथन करने जा रही है।
जिसके लिए पार्टी ने हनुमानजी के धाम को ही चुना है। इस महामंथन के लिए मुख्यमंत्री गहलोत समेत सभी बड़े नेता सालासर बालाजी धाम में एकत्रित होने वाले हैं।
यहां पर विधायकों के साथ महामंथन के बाद ही पार्टी नेता विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए जनता के बीच में जाएंगे।
जानकारी के अनुसार, इस महामंथन व प्रशिक्षण शिविर में संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, सीएम अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी पहुंचेंगे और पार्टी नेताओं को संबोधित करेंगे।
सालासर धाम में 200 कमरे बुक, महामंथन की तैयारियां जोरों पर
सालासर में होने वाले महामंथन को लेकर देवस्थान मंत्री शकुंतला रावत पहले ही सालासर धाम पहुंच चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस सालासर से चुनावी रोडमैप तैयार करेगी।
ऐसे में यहां आने वाले विधायकों और कांग्रेस के नेताओ के ठहरने के लिए होटल्स में 200 कमरे बुक किए गए हैं।
वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष भंवरलाल पुजारी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सीएम गहलोत एक जुलाई को सालासर में बालाजी गौशाला संस्थान में गायों की पूजा करेंगे।
इसके बाद सालासर बालाजी मंदिर पहुंचेगें और बजरंगबली की पूजा-अर्चना करेंगे।
मंदिर का अवलोकर करने के बाद सीएम गहलोत विधायकों को संबोधित करेंगे।