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भारत रत्न, देश की दीदी और सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर को देश उनकी अमर आवाज से पहचानता है

प्रदीप बीदावत · 06 फ़रवरी 2023, 10:25 दोपहर
28 सितंबर, 1929 को इंदौर, मध्य प्रदेश, भारत में जन्मीं, लता मंगेशकर सात दशकों से अधिक समय से भारत में एक प्रसिद्ध नाम रही हैं। भारतीय संगीत उद्योग में उनका योगदान अद्वितीय है, और उन्हें अब तक के सबसे महान पार्श्व गायकों में से एक माना जाता है। एक साल पहले आज ही के दिन छह फरवरी को वे दुनिया से रुखसत हो गईं

जयपुर | "भारत कोकिला", भारत रत्न, सुर साम्राज्ञी, देश की दीदी जैसे नामों से पहचानी गईं लता मंगेशकर हमारे बीच नहीं हैं। परन्तु उन्होंने अपनी भावपूर्ण और सुंदर आवाज से करोड़ों दिलों को कब्जे कर रखा है।

28 सितंबर, 1929 को इंदौर, मध्य प्रदेश, भारत में जन्मीं, लता मंगेशकर सात दशकों से अधिक समय से भारत में एक प्रसिद्ध नाम रही हैं। भारतीय संगीत उद्योग में उनका योगदान अद्वितीय है, और उन्हें अब तक के सबसे महान पार्श्व गायकों में से एक माना जाता है।

एक साल पहले आज ही के दिन छह फरवरी को वे दुनिया से रुखसत हो गईं और पीछे छोड़ गई आवाज की एक दुनिया जिसे जमाना सदियों तक गुनगुनाएगा।

संगीत उद्योग में लता मंगेशकर की यात्रा कम उम्र में शुरू हुई, जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया और उन्हें अपने परिवार के लिए कमाना पड़ा। उन्होंने स्थानीय मराठी नाटकों में गाना शुरू किया और जल्दी ही संगीत निर्देशकों का ध्यान खींचा। उन्हें पहला बड़ा ब्रेक तब मिला जब उन्हें 1943 में मराठी फिल्म "गजाभाऊ" के लिए गाने के लिए चुना गया।

हालांकि, यह 1949 में फिल्म "महल" के गीत "आएगा आनेवाला" का गायन था जिसने उन्हें सुर्खियां दी और और स्थापित किया उन्हें उद्योग में एक प्रमुख पार्श्व गायिका के रूप में।

लता मंगेशकर ने हिंदी, मराठी, बंगाली और गुजराती सहित कई भारतीय भाषाओं में हजारों गीतों को अपनी आवाज़ दी। उन्होंने उद्योग के कुछ सबसे प्रतिभाशाली संगीत निर्देशकों और संगीतकारों के साथ सहयोग किया है, जिनमें एस.डी. बर्मन, नौशाद अली, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, और आर.डी. बर्मन, अन्य।

लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के साथ उनके सहयोग ने भारतीय फिल्म इतिहास के कुछ सबसे यादगार गीतों का निर्माण किया, जिनमें "लग जा गले," "अजीब दास्तान है ये," और "तुम से प्यार हुआ है।"

एक गायिका के रूप में लता मंगेशकर की बहुमुखी प्रतिभा उनके द्वारा गाए गए गीतों की विविध श्रेणी में परिलक्षित होती है, जिसमें शास्त्रीय संख्या से लेकर भक्ति गीत और रोमांटिक गाथागीत शामिल हैं।

उनकी आवाज भारतीय सिनेमा का एक अभिन्न अंग रही है और अनगिनत फिल्मों में भावनात्मक गहराई को जोड़ा है। वह पद्म भूषण, पद्म विभूषण, और भारत में सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, भारत रत्न सहित कई पुरस्कारों और सम्मानों की प्राप्तकर्ता भी रही हैं।

भारतीय संगीत पर लता मंगेशकर का प्रभाव बहुत अधिक है और गायकों की आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता है। उनके गीतों ने सीमाओं को पार कर लिया है और न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में भारतीय प्रवासियों के बीच भी लोकप्रिय हैं।

भारतीय संगीत में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा और उनकी आवाज आने वाली पीढ़ियों तक लाखों लोगों के दिलों को छूती रहेगी।

लता मंगेशकर एक सच्ची किंवदंती और भारतीय संगीत उद्योग का खजाना हैं। उनकी आवाज़, उनकी प्रतिभा और उनके समर्पण ने उन्हें अब तक के सबसे महान पार्श्व गायकों में से एक बना दिया है। भारतीय संगीत में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा और मनाया जाएगा।

पिता भी थे गायक और परिवार... (lata mangeshkar family) 

लता मंगेशकर संगीतकारों और बुद्धिजीवियों के एक मराठी भाषी परिवार का हिस्सा हैं। उनका जन्म इंदौर, भारत में 28 सितंबर, 1929 को दीनानाथ मंगेशकर, जो एक मराठी थिएटर अभिनेता और शास्त्रीय गायक थे, और उनकी पत्नी शेवंती की सबसे बड़ी बेटी के रूप में हुआ था।

लता मंगेशकर के पांच भाई-बहन हैं, जिनमें तीन भाई, हृदयनाथ मंगेशकर, उषा मंगेशकर और आशा भोसले शामिल हैं, जो संगीतकार भी हैं और उन्होंने भारतीय संगीत उद्योग में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी छोटी बहन मीना खादिकर भी शास्त्रीय गायिका हैं।

लता मंगेशकर ने कभी शादी नहीं की और अपना जीवन संगीत को समर्पित कर दिया। वह अपनी सरल और सरल जीवन शैली के लिए जानी जाती हैं और कई महत्वाकांक्षी संगीतकारों के लिए एक प्रेरणा रही हैं। अपनी भारी सफलता और प्रसिद्धि के बावजूद, वह विनम्र और जमीन से जुड़ी हुई हैं, और भारतीय संगीत उद्योग में एक सम्मानित व्यक्ति बनी हुई हैं।

नहीं किया विवाह, राज सिंह डूंगरपुर से गहरे संबंध थे
लता मंगेशकर ने जीवनभर विवाह नहीं किया। उनके और डूंगरपुर के राजकुमार और प्रसिद्ध क्रिकेट राज सिंह डूंगरपुर के बीच घनिष्ठ व्यावसायिक संबंध थे। ये संबंध भारतीय शास्त्रीय संगीत के लिए उनके आपसी प्रेम और जुनून में निहित थे।

राज सिंह डूंगरपुर एक फिल्म निर्माता और मुंबई स्थित कंपनी सेल्युलाइड चैप्टर के संस्थापक थे। वह भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति अपने जुनून के लिए जाने जाते थे और भारतीय फिल्म उद्योग में शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।

राज सिंह डूंगरपुर लता मंगेशकर के प्रबल समर्थक थे, और उन्होंने कई शास्त्रीय-आधारित फिल्मी गीतों में उनकी आवाज़ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लता मंगेशकर और राज सिंह डूंगरपुर के बीच सहयोग एक यादगार था, और भारतीय शास्त्रीय संगीत में उनका योगदान संगीत के प्रति उनके जुनून का प्रमाण है।

लता मंगेशकर और राज सिंह डूंगरपुर के बीच आपसी सम्मान, प्रशंसा और भारतीय शास्त्रीय संगीत के साझा प्रेम का रिश्ता था। भारतीय संगीत उद्योग में उनके सहयोग और योगदान को हमेशा याद किया जाएगा और मनाया जाएगा।

लता मंगेशकरने सात दशक से अधिक के करियर में हजारों गाने रिकॉर्ड किए हैं। उनके कुछ सबसे लोकप्रिय और यादगार गीतों में शामिल हैं: best songs of lata mangeshkar

  1. फिल्म "दिल अपना और प्रीत पराई" (1960) से "अजीब दास्तान है ये"
  2. फिल्म "वो कौन थी" (1964) से "लग जा गले"
  3. फिल्म "आंधी" (1975) से "तेरे बिना जिंदगी से"
  4. फिल्म "शोर" (1972) से "एक प्यार का नगमा है"
  5. फिल्म "ऐ मेरे वतन के लोग" (1963) से "ऐ मेरे वतन के लोग"
  6. फिल्म "गीत" (1970) से "तुम ही हो मेरे मिलो"
  7. फिल्म "हम दोनों" (1961) से "अभी ना जाओ छोडकर"
  8. फिल्म "बैजू बावरा" (1952) से "मन तारपत हरि दर्शन को आज"
  9. फिल्म "मधुमती" (1958) से "आजा रे परदेसी"
  10. फिल्म "आवारा" (1951) से "आवारा हूं"

लता मंगेशकर देशभक्ति गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए जानी जाती हैं और उन्होंने अपने करियर के दौरान कई यादगार देशभक्ति गीत रिकॉर्ड किए हैं। यहां उनके कुछ सबसे प्रसिद्ध देशभक्ति गीत हैं:

ये गीत भारत की सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग बन गए हैं और दर्शकों के बीच एक मजबूत भावनात्मक प्रतिक्रिया उत्पन्न करना जारी रखते हैं। देशभक्ति संगीत की दुनिया में लता मंगेशकर का योगदान अद्वितीय है, और उनके गीत एक गायिका के रूप में उनकी असाधारण प्रतिभा और अपने देश के प्रति उनके गहरे प्रेम का प्रमाण हैं।

लता मंगेशकर ने अपने करियर में कई खूबसूरत कोरस गाने रिकॉर्ड किए हैं, लेकिन यहां कुछ सबसे लोकप्रिय और प्रसिद्ध हैं:

ये गाने एक गायिका के रूप में लता मंगेशकर की असाधारण प्रतिभा और उनके प्रदर्शन में भावना और गहराई लाने की उनकी क्षमता को प्रदर्शित करते हैं। रिहाई के दशकों बाद भी प्रशंसकों द्वारा उन्हें प्यार और याद किया जाना जारी है।

लता मंगेशकर द्वारा वर्षों से रिकॉर्ड किए गए कई यादगार गीतों में से ये कुछ ही गीत हैं। भारतीय संगीत उद्योग में उनका योगदान अद्वितीय है, और वह अब तक के सबसे महान पार्श्व गायकों में से एक के रूप में मनाई और सम्मानित की जाती हैं।

लता मंगेशकर को अपने जीवन में कई सम्मान मिले, उनके कुछ सबसे उल्लेखनीय पुरस्कारों में शामिल हैं: awards to lata mangeshkar

लता मंगेशकर को पिछले कुछ वर्षों में मिले कई पुरस्कारों और सम्मानों में से ये कुछ ही हैं। उन्हें सैकड़ों अवार्ड मिले हैं। 

controvercy with lata mangeshkar

लता मंगेशकर का वैसे तो भारतीय संगीत उद्योग में एक लंबा और शानदार करियर रहा है और उनकी प्रतिभा और क्षेत्र में योगदान के लिए व्यापक रूप से प्रशंसा की गई है। हालाँकि, किसी भी सार्वजनिक हस्ती की तरह, वह भी कुछ वर्षों में कुछ विवादों में शामिल रही हैं।

आशा भोसले के साथ झगड़ा: लता मंगेशकर और उनकी छोटी बहन, आशा भोसले के बीच लंबे समय से प्रतिद्वंद्विता रही है, दोनों भारतीय फिल्म उद्योग में प्रसिद्ध पार्श्व गायिका हैं। उनके झगड़े की सटीक प्रकृति ज्ञात नहीं है, लेकिन यह माना जाता है कि यह उद्योग में भूमिकाओं और मान्यता के लिए उनकी प्रतिस्पर्धा से उपजा है।

भारतीय पॉप संगीत की आलोचना: 1990 के दशक के अंत में, लता मंगेशकर की भारतीय पॉप संगीत पर उनकी टिप्पणियों के लिए आलोचना की गई थी, जिसे उन्होंने "अश्लील" और माधुर्य की कमी कहा था। इसने संगीत उद्योग में एक गरमागरम बहस छिड़ गई, जिसमें कुछ कलाकार और प्रशंसक उसके बचाव में आए, जबकि अन्य ने उस पर संगीत के बदलते स्वाद के संपर्क से बाहर होने का आरोप लगाया।

राष्ट्रीय गान विवाद: 2005 में, लता मंगेशकर भारतीय राष्ट्रगान के गायन को लेकर एक विवाद में फंस गई थीं। कुछ ने दावा किया कि उसका गायन बहुत धीमा था और आवश्यक मानकों को पूरा नहीं करता था, जिससे गान की व्याख्या के बारे में सार्वजनिक बहस हुई।

इन विवादों के बावजूद, लता मंगेशकर को व्यापक रूप से भारतीय फिल्म इतिहास में सबसे महान पार्श्व गायकों में से एक माना जाता है, और संगीत उद्योग में उनके योगदान को दुनिया भर के प्रशंसकों द्वारा मनाया और सम्मानित किया जाता है।

क्रिकेट से था गहरा लगाव
लता मंगेशकर का भारत में क्रिकेट से गहरा नाता रहा है। वह एक जानी मानी क्रिकेट उत्साही रहीं और अक्सर उन्हें भारत में क्रिकेट मैचों में भाग लेते देखा गया। वास्तव में, वह भारतीय क्रिकेट टीम की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं और कई मैचों में उन्हें टीम के लिए चीयर करते देखा गया।

इसके अतिरिक्त, लता मंगेशकर ने भी वर्षों में कई क्रिकेट-थीम वाले गीतों और गीतों को अपनी आवाज़ दी। उसने क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत की जीत का जश्न मनाने के लिए गाने रिकॉर्ड किए हैं और खेल को समर्पित कई एल्बमों का भी हिस्सा रहीं।

1988 में, उन्होंने भारत में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट, रिलायंस कप के उद्घाटन समारोह में एक गीत प्रस्तुत किया। 1996 में, वह क्रिकेट विश्व कप के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि थीं और मैच से पहले भारतीय राष्ट्रगान गाया था।

2000 में, लता मंगेशकर को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया था और खेल के प्रति उनके जुनून के लिए एक विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वह क्रिकेट से संबंधित कई धर्मार्थ कारणों से भी जुड़ी रही हैं और उन्होंने क्रिकेट के माध्यम से विभिन्न सामाजिक मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अपने मंच का उपयोग किया है।

कुल मिलाकर, लता मंगेशकर का क्रिकेट के प्रति प्रेम और खेल में उनके योगदान ने भारत में उनकी प्रसिद्ध स्थिति को जोड़ा है और देश में एक सांस्कृतिक आइकन के रूप में उनकी जगह को मजबूत किया।

कुछ मूवीज में भी काम किया
लता मंगेशकर भी कुछ फिल्मों में अभिनय की भूमिकाओं में दिखाई दी हैं। उन्होंने 1940 में मराठी फिल्म, "माला जीवनचे बाप" से अपने अभिनय की शुरुआत की। उन्होंने कुछ और मराठी फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें "किटी हसाल" और "जीव मझ्या लाभ" शामिल हैं।

अपनी अभिनय भूमिकाओं के अलावा, लता मंगेशकर ने "गमन" (1978), "चलते चलते" (1976), और "लेकिन..." (1991) सहित कई बॉलीवुड फिल्मों में कैमियो भूमिका निभाई है।

अपनी सीमित अभिनय भूमिकाओं के बावजूद, लता मंगेशकर भारतीय फिल्म उद्योग में सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में से एक हैं, जिन्हें एक गायिका के रूप में उनकी असाधारण प्रतिभा और भारतीय संगीत और सिनेमा में उनके योगदान के लिए जाना जाता है।

निजी जीवन पर यह कहती थीं दीदी
हालाँकि, उनके निजी जीवन के बारे में बहुत कम जानकारी है, जिसमें उनकी लव लाइफ भी शामिल है।

वह कभी भी सार्वजनिक रूप से किसी भी रोमांटिक रिश्ते या विवाह से नहीं जुड़ी हैं, और उन्होंने शायद ही कभी सार्वजनिक रूप से अपने निजी जीवन के बारे में बात की हो। एक साक्षात्कार में, उसने कहा है कि उसका संगीत उसका पहला प्यार था और उसने अपना जीवन इसके लिए समर्पित कर दिया है।

लता मंगेशकर ने एक निजी जीवन जिया है, जो उनके संगीत और उनके धर्मार्थ प्रयासों पर केंद्रित है। वह वंचित समुदायों की बेहतरी के लिए काम करने वाले कई संगठनों से जुड़ी रही हैं और समाज में उनके योगदान के लिए उन्हें पहचान मिली है।

जबकि उनका निजी जीवन काफी हद तक अज्ञात है, लता मंगेशकर की संगीत विरासत और भारतीय संगीत और सिनेमा में उनके योगदान को दुनिया भर के प्रशंसकों द्वारा मनाया और सम्मानित किया जाता है।

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