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नौतपा 2025: सूर्य और शुक्र की टकराहट लाएगी प्रचंड गर्मी

thinQ360 · 21 मई 2025, 12:36 दोपहर
जब सूर्य और शुक्र आमने-सामने होते हैं, तो गर्मी का प्रभाव और बढ़ जाता है।

हर साल ज्येष्ठ माह में पड़ने वाला नौतपा, वह समय होता है जब सूरज अपनी सबसे तीव्र तपिश का प्रदर्शन करता है। यह केवल एक मौसमी घटना नहीं, बल्कि ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है। 2025 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 8 जून तक चलेगा, और इस बार सूर्य और शुक्र की टकराहट के कारण प्रचंड गर्मी पड़ने की संभावना है।

क्या होता है नौतपा?

नौतपा का अर्थ है 'नौ दिन की तपिश'। यह वह अवधि है जब सूर्य ग्रह रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है। भारतीय ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में होते हैं, तो उनकी किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे तापमान में भारी वृद्धि होती है और गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है।

यह अवधि कुल 15 दिनों की होती है, लेकिन इसमें से शुरुआती 9 दिन सबसे ज्यादा तपन वाले होते हैं, और इन्हीं को 'नौतपा' कहा जाता है। इसके बाद जब सूर्य मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश कर जाते हैं, तो नौतपा समाप्त हो जाता है।

नौतपा 2025 की खास बातें और प्रचंड गर्मी का कारण:

इस साल नौतपा 2025 में क्या रहेंगे हाल?

मौसम विशेषज्ञों और ज्योतिषाचार्यों का अनुमान है कि नौतपा 2025 में भीषण गर्मी पड़ेगी। राजस्थान जैसे राज्यों में तो तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। हीट वेव और उष्ण रात्रि भी दर्ज हो सकती है। हालांकि, कुछ हिस्सों में तेज मेघ गर्जन, आंधी और हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना है, लेकिन कुल मिलाकर प्रचंड गर्मी का दौर जारी रहेगा। मंगल के सिंह राशि में गोचर और केतु के साथ युति के कारण नौतपा समाप्त होने के बाद भी 28 जुलाई तक गर्मी से पूरी राहत मिलने की उम्मीद कम है।

नौतपा में सावधानियां और उपाय:

प्रचंड गर्मी से बचने और इसके दुष्प्रभावों से सुरक्षित रहने के लिए नौतपा के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है:

नौतपा केवल गर्मी का एक दौर नहीं, बल्कि यह प्रकृति के चक्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो आने वाले मानसून और फसल के लिए आधार तैयार करता है। इस दौरान संयम, सतर्कता और प्राकृतिक नियमों के अनुसार जीवनशैली को ढालना अत्यंत आवश्यक है।

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