राजनीति

खाचरियावास का आरोप- झूठे बयान देकर माहौल बनाते हैं धारीवाल, नहीं होने देना चाहते जयपुर का विकास

thinQ360 · 23 जून 2023, 06:35 शाम
मंत्री खाचरियावास ने धारीवाल के खिलाफ भड़ास निकालते हुए कहा कि उनकी तो आदत है झूठे बयान देने की। झूठे बयान देकर वे माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। 

जयपुर | राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनावों से पूर्व कांग्रेस नेताओं में लगातार विवादों और आरोपों का दौर बना हुआ है।

एक बार फिर से यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल और प्रतापसिंह खाचरियावास की सियासी खिंचतान सामने आई है। 

खाचरियावास ने जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए शांति धारीवाल के बयान पर पलटवार किया।

खाचरियावास ने उन पर झूठे बयान देने और जयपुर के विकास को रोकने तक के आरोप लगा दिए हैं।

शुक्रवार को मंत्री खाचरियावास ने धारीवाल के खिलाफ भड़ास निकालते हुए कहा कि उनकी तो आदत है झूठे बयान देने की। झूठे बयान देकर वे माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। 

धारीवाल ने तो पूरा दम लगाया था कि सिर्फ कोटा में ही विकास करूं और जयपुर में विकास नहीं हो, लेकिन जयपुर के तीन मंत्री और छह विधायकों में भी दम है। 

जयपुर विकास में पीछे नहीं बल्कि विकास में नंबर वन है। जयपुर में मेट्रो, टनल, पुलिया, अंडरपास और बीसलपुर का पानी भी है। यह किसी एक मंत्री की मेहरबानी से नहीं हुआ है बल्कि यह सरकार की ताकत है। 

पार्टी ने धारीवाल को बहुत कुछ दिया

खाचरियावास ने कहा कि पार्टी ने धारीवाल को बहुत कुछ दिया है। ऐसे में उन्हें ऐसे बयान देना शोभा नहीं देता है। 

धारीवाल हमेशा पार्टी पर पत्थर फेंकते हैं। जब आप पत्थर फेंकोगे तो आप मानकर चलिए छींटे उछलेंगे। 

क्षेत्र में विधायकों से भी लड़ते रहते हैं

खाचरियावास यहीं तक चुप नहीं रहे और धारीवाल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि धारीवाल जी खुद कोटा में विधायकों से ठीक से बात नहीं करते हैं और उनसे लड़ते रहते हैं। 

जयपुर में साथ-साथ हैं विधायक-मंत्री

हमारे यहां जयपुर में विधायक-मंत्री साथ बैठते हैं। जयपुर के दो टुकड़े करने पर जिलाध्यक्ष के तौर पर जब मैंने स्टैंड लिया तो सबने साथ दिया। एक भी मंत्री-विधायक ने मेरे स्टैंड का विरोध नहीं किया। जयपुर में कोई टकराव नहीं है। हम सब जयपुर के मंत्री और विधायक एक हैं। साथ बैठकर चर्चा करते हैं।

इसी के साथ उन्होंने कहा कि जयपुर के मंत्री-विधायकों को लेकर धारीवाल सर्टिफिकेट बांटते घूम रहे हैं। वे पूरे राजस्थान के मंत्री हैं। धारीवाल को जयपुर के काम का पता ही नहीं है। उनके पास डिपार्टमेंट है, इसका मतलब यह नहीं होता कि वह चाहे जैसे कर लेंगे। 

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