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राजस्थान में SIR अभियान के नाम पर साइबर ठगी, डीजीपी ने किया आगाह

प्रदीप बीदावत · 03 दिसम्बर 2025, 04:59 सुबह
जयपुर (Jaipur): राजस्थान (Rajasthan) में भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) के SIR अभियान के नाम पर साइबर ठग सक्रिय हैं। डीजीपी संजय अग्रवाल (DGP Sanjay Agarwal) ने लोगों को फर्जी संदेशों से सावधान रहने को कहा है, जिनमें वोटर कार्ड रद्द होने का डर दिखाकर व्यक्तिगत जानकारी और पैसे मांगे जा रहे हैं।

जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) के SIR अभियान के नाम पर साइबर ठग सक्रिय हैं। डीजीपी संजय अग्रवाल (DGP Sanjay Agarwal) ने लोगों को फर्जी संदेशों से सावधान रहने को कहा है, जिनमें वोटर कार्ड रद्द होने का डर दिखाकर व्यक्तिगत जानकारी और पैसे मांगे जा रहे हैं।

राजस्थान में इन दिनों भारतीय चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान का लाभ उठाकर साइबर ठगों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। डीजीपी साइबर क्राइम संजय अग्रवाल ने आमजन को आगाह किया है कि सोशल मीडिया और एसएमएस के माध्यम से भेजे जा रहे फर्जी संदेशों से लोग भ्रमित हो रहे हैं। इन संदेशों में यह दावा किया जाता है कि यदि कोई व्यक्ति तुरंत SIR फॉर्म नहीं भरेगा, तो उसका वोटर कार्ड रद्द कर दिया जाएगा या उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। इसी भय का फायदा उठाकर अपराधी लोगों से उनकी निजी जानकारी और धन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं।

साइबर ठगों का तरीका और डीजीपी की चेतावनी

डीजीपी अग्रवाल ने विस्तार से बताया कि ये ठग एक फर्जी लिंक भेजते हैं, जिसे वे SIR फॉर्म से जोड़ देते हैं। जब कोई व्यक्ति इस लिंक को खोलता है, तो ठग प्रक्रिया पूरी करने के बहाने उनसे वन टाइम पासवर्ड (OTP), आधार नंबर, अन्य व्यक्तिगत जानकारी या फिर कथित "प्रोसेसिंग फीस" की मांग करते हैं। यह जानना बेहद जरूरी है कि SIR प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है, लेकिन साइबर अपराधी लोगों को गुमराह करके उनसे पैसे और गोपनीय जानकारी चुरा रहे हैं। यह पूरी गतिविधि धोखाधड़ी और फिशिंग का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य जनता को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाना है।

डीजीपी ने स्पष्ट किया कि ऐसे किसी भी संदेश या लिंक पर भरोसा न करें, जो आपको वोटर कार्ड रद्द होने का डर दिखाए। भारतीय चुनाव आयोग कभी भी फोन या मैसेज के जरिए ऐसी जानकारी नहीं मांगता। आम नागरिकों को अपनी सतर्कता बनाए रखनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करनी चाहिए।

साइबर ठगी से बचने के लिए महत्वपूर्ण उपाय

साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए, डीजीपी ने आमजन को कुछ अहम सावधानियां बरतने की सलाह दी है, ताकि वे इन अपराधियों का शिकार होने से बच सकें।

अपने बीएलओ से संपर्क करें

केवल आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें

गोपनीय जानकारी साझा न करें

सुरक्षित URL पहचानें

साइबर कैफे में सावधानी बरतें

नाम जांचने का आधिकारिक लिंक

अपनी मतदाता सूची में नाम की जांच करने के लिए जनता भारतीय चुनाव आयोग की आधिकारिक और सुरक्षित वेबसाइट का उपयोग कर सकती है। यह सुनिश्चित करता है कि आप किसी फर्जी वेबसाइट का शिकार न हों।

आप https://voters.eci.gov.in/searchInSIR/S2UA4DPDF-JK4QWODSE पर अपना नाम Electoral Roll 2002/2003 में देख सकते हैं। यह लिंक भारतीय चुनाव आयोग द्वारा प्रदान किया गया एक आधिकारिक और सुरक्षित माध्यम है। इस लिंक के अलावा किसी अन्य संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।

ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें

यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी का प्रयास होता है या वह इसका शिकार हो जाता है, तो तुरंत शिकायत दर्ज करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। त्वरित कार्रवाई से नुकसान को कम किया जा सकता है और अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलती है।

इन उपायों का पालन करके और सतर्क रहकर, आमजन साइबर ठगों के जाल में फंसने से बच सकते हैं। डीजीपी संजय अग्रवाल ने सभी से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल के प्रति सावधान रहें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखें।

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