राजस्थान

राजस्थान कांग्रेस वॉर रूम की कमान अब शशिकांत सेंथिल को, कर्नाटक चुनाव में दिखाया था कमाल

desk · 24 सितम्बर 2023, 02:19 दोपहर
शशिकांत सेंथिल वही हैं जिन्होंने कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस के लिए अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में पार्टी आलाकमानों ने शशिकांत पर फिर से भरोसा जताते हुए उन्हें राजस्थान में कांग्रेस सरकार रिपीट करवाने की जिम्मेदारी सौंपी है। 

जयपुर | कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी का तख्ता पलटकर सत्ता पर काबिज होने वाली कांग्रेस पार्टी ने अब राजस्थान में विधानसभा चुनाव (Rajasthan Election 2023) में जीत दर्ज करने के लिए शशिकांत सेंथिल (Shashikant Senthil) पर फिर से दांव खेला है। 

शशिकांत सेंथिल वही हैं जिन्होंने कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस के लिए अहम भूमिका निभाई थी। 

ऐसे में पार्टी आलाकमानों ने शशिकांत पर फिर से भरोसा जताते हुए उन्हें राजस्थान में कांग्रेस सरकार रिपीट करवाने की जिम्मेदारी सौंपी है। 

राजस्थान में शशिकांत को कांग्रेस वॉर रूम का चेयरमैन बनाया गया है। उनको कांग्रेस के दलित चेहरे के रूप में भी जाना जाता है।

शशिकांत कर्नाटक कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी रहे हैं।  

बता दें कि राजस्थान में इस बार मुख्यमंत्री अपने कार्यों की बदौलत फिर से कांग्रेस सरकार रिपीट होने का दावा करते दिख रहे हैं। 

ऐसे में कांग्रेस अब राजस्थान में भरोसेमंद लोगों को जिम्मेदारी देने में लगी है। 

कांग्रेस की ओर से जारी लिस्ट में वॉर रूम की जिम्मेदारी शशिकांत सेंथिल को सौंपी है। इसके अलावा उनके साथ जसवंत गुर्जर, कैप्टन अरविंद कुमार और सीएम गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा को को-चेयरमैन बनाया गया है।

बता दें कि सीएम गहलोत के ओएसडी और सोशल मीडिया हेड लोकेश शर्मा इस तरह की बड़ी जिम्मेदारी पहली बार संभालेंगे।

इसी के साथ लोकेश शर्मा के भी चुनावी मैदान में उतरने की चर्चा है और माना जा रहा है कि वे बीकानेर से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। 

शशिकांत सेंथिल ने कर्नाटक में किया था कमाल

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली जीत के लिए शशिकांत सेंथिल की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया है। 
तब उन्हें पार्टी की तमिलनाडु इकाई का प्रमुख बनाया गया था। 

कर्नाटक चुनाव में शशिकांत ने योजनाबद्ध तरीके से पार्टी को चुनाव लड़वाने में काम किया था। 

शशिकांत ने सोशल मीडिया रणनीति से लेकर पार्टी के सभी अभियानों को तैयार करने में खूब मेहनत की थी।

कर्नाटक में 40 प्रतिशत कमीशन सरकार कैंपेन को राज्यव्यापी चुनावी मुद्दा बना दिया था। इसी के साथ उन्होंने पेटीएम की तर्ज पर कर्नाटक में ‘पेसीएम’ अभियान की शुरूआत कर कांग्रेस के लिए जनसमर्थन जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 
उनकी इस भूमिका को देखते हुए अब राजस्थान की कमान भी सौंपी गई है। 

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