राजस्थान

तो क्या अब ’दूदू’ की जगह ’जयपुर ग्रामीण’ होगा नये जिले का नाम, सीएम गहलोत ने जताई सहमती!

thinQ360 · 26 जून 2023, 06:01 शाम
सीएम अशोक गहलोत ने आज राजधानी जयपुर में एक बैठक की है। इस बैठक में जिले के कांग्रेसी विधायक और मंत्रियों को बुलाया गया और चर्चा की गई। इस बैठक में निर्णय ये निकल कर सामने आया कि, दूदू को जयपुर देहात (ग्रामीण) का नाम दे दिया जाए...

जयपुर | New Districts Dispute: राजस्थान में विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के लिए मुसीबत बनते जा रहे नए जिलों के गठन को लेकर सोमवार को फिर से बड़ा बदलाव होने की संभावना दिख रही है। 

रविवार को सांभर-फुलेरा को दूदू में नहीं मिलाकर नया जिला बनाने को लेकर हुए बवाल के बाद सीएम अशोक गहलोत ने आज राजधानी जयपुर में एक बैठक की है। 

इस बैठक में जिले के कांग्रेसी विधायक और मंत्रियों को बुलाया गया और चर्चा की गई। 

इस बैठक में निर्णय ये निकल कर सामने आया कि, दूदू को जयपुर देहात (ग्रामीण) का नाम दे दिया जाए तो किसी को आपत्ति नहीं होगी।

जिसके बाद सीएम गहलोत ने दूदू जिले का नाम जयपुर देहात करने के फैसले पर अपनी सहमति दे दी है। 

ऐसे में माना जा रहा है कि इस संबंध में अंतिम फैसला जल्द हो जाएगा। 

तो क्या अब दूदू बन जाएगा जयपुर ग्रामीण ?

सीएम के साथ आज हुई बैठक के मुताबिक, जयपुर शहर को जयपुर जबकि दूदू और इसके आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर जिले का नाम जयपुर ग्रामीण कर दिया जाता है तो लोग मान जाएंगे। 

ऐसे में अब दूदू जिले की जगह जयपुर ग्रामीण नाम किया जा सकता है।

सांभर-फुलेरा को दूदू में विलय को लेकर मच रहा बवाल

आपको बता दें कि, जयपुर जिले से दूदू को अलग कर नया जिला बनाया जा रहा है। 

ऐसे में बगरू, जोबनेर, फुलेरा, सांभर को इसमें शामिल किया जाना है, लेकिन इन क्षेत्रों के लोग इसके लिए तैयार नहीं है। 

जिसके चलते जबरदस्त बवाल मचा हुआ है। इसको लेकर हुए प्रदर्शन पर रविवार को पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठी चार्ज कर हल्का बल प्रयोग किया था।

वहीं, प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की थी जिसमें कई लोग घायल भी हुए हैं।

ऐसे में बवाल के बाद सीएम ने आज सीएम ने बैठक कर यह आशवासन दे दिया है कि लोगों की भावनाओं का सम्मान होगा और जबरदस्ती किसी क्षेत्र को दूदू में शामिल नहीं किया जाएगा।

बैठक में मंत्री और विधायकों ने अपने-अपने तर्क और सुझाव सीएम के सामने रखे। 

बैठक में कहा गया कि इन इलाकों के लोग जयपुर के नाम से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं ऐसे में जयपुर से कोई भी क्षेत्र अलग नहीं होना चाहता है। 

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