राजनीति

पुडुचेरी: कांग्रेस को बड़ा झटका: पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व PCC अध्यक्ष ए.वी. सुब्रमण्यम का इस्तीफा

मानवेन्द्र जैतावत · 28 मार्च 2026, 06:23 सुबह
पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ए.वी. सुब्रमण्यम ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है, जिससे चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।

पुडुचेरी | पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही केंद्र शासित प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल शुरू हो गई है। कांग्रेस पार्टी को चुनाव से ठीक पहले एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष ए.वी. सुब्रमण्यम ने शुक्रवार को कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा वर्तमान पीसीसी अध्यक्ष वी. वैथिलिंगम को सौंपा।

इस्तीफे के पीछे के कारण

सुब्रमण्यम ने अपने त्यागपत्र में इस अचानक लिए गए फैसले के पीछे निजी कारणों का उल्लेख किया है। साथ ही उन्होंने कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों को भी इस्तीफे की वजह बताया है। उनका यह इस्तीफा उस समय आया है जब पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है। माना जा रहा है कि टिकट वितरण को लेकर आंतरिक कलह बढ़ गई है।

जारी हुई उम्मीदवारों की सूची

पीसीसी अध्यक्ष वी. वैथिलिंगम ने दिन में 16 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। इस सूची के अनुसार, डीपीआर सेल्वम मन्नादीपट्टू से और पी. कार्तिकेयन ओसुडु से चुनाव लड़ेंगे। अन्य प्रमुख चेहरों में इंदिरानगर से एन. राजा कुमार और थट्टानचावडी से स्वयं वी. वैथिलिंगम मैदान में हैं। कामराजनगर से पी.के. देवदास और लॉस्पेट से एम. वैद्यनाथन को टिकट मिला है।

गठबंधन और सीट-बंटवारा

पुडुचेरी में कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के बीच गठबंधन हुआ है। इस समझौते के तहत कांग्रेस 30 में से 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि डीएमके को 14 सीटें मिली हैं। डीएमके इन 14 सीटों में से अपने अन्य सहयोगी दलों को भी हिस्सेदारी देगी। यह गठबंधन तमिलनाडु की तर्ज पर ही काम कर रहा है, जहाँ दोनों पार्टियाँ मिलकर चुनाव लड़ रही हैं।

चुनाव की महत्वपूर्ण तिथियां

चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि पुडुचेरी की सभी सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा। इसके बाद 4 मई को वोटों की गिनती की जाएगी। सुब्रमण्यम का इस्तीफा कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। पार्टी अब अपने कैडर को एकजुट रखने और चुनावी मैदान में मजबूती से उतरने की कोशिश कर रही है।

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