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संयम लोढ़ा ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन: सिरोही भ्रष्टाचार जांच की मांग: पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, सिरोही जिला परिषद के कार्यों में भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग

thinQ360 · 27 सितम्बर 2025, 10:32 दोपहर
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा (Sanyam Lodha) ने राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े (Haribhau Bagde) को ज्ञापन सौंपकर सिरोही (Sirohi) जिला परिषद के कार्यों में भ्रष्टाचार की जांच की मांग की है।

सिरोही (Sirohi)। राजस्थान के पूर्व विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के सलाहकार रहे संयम लोढ़ा (Sanyam Lodha) ने सिरोही जिला परिषद (Sirohi District Council) में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े (Haribhau Bagde) को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। लोढ़ा ने राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) की षष्ठम योजना के तहत स्वीकृत कार्यों में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है, जिससे जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

मुख्य आरोप और अनियमितताएं

ज्ञापन में विशेष रूप से पेचका (Pechka) से खेतलाजी मंदिर (Khetlaji Temple) तक सीसी सड़क (CC Road) और नाली निर्माण कार्य (Drain Construction) का उल्लेख किया गया है, जिसकी स्वीकृति 34.59 लाख रुपये की थी। लोढ़ा ने आरोप लगाया है कि इस कार्य में गलत जानकारी, अनुचित टेंडर (Tender) प्रक्रिया और नियमों का खुला उल्लंघन किया गया है।

संयम लोढ़ा ने अपने ज्ञापन में कई गंभीर बिंदु उठाए हैं:

जांच में लीपापोती का आरोप

लोढ़ा ने यह भी आरोप लगाया है कि जिला परिषद और संबंधित अधिकारियों ने शासन सचिव (Government Secretary) और आयुक्त पंचायत राज विभाग (Commissioner Panchayat Raj Department) के स्पष्ट आदेशों के बावजूद इस मामले की जांच में लीपापोती की और वास्तविक भ्रष्टाचार को छुपाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने जानबूझकर तथ्यों को छिपाया और दोषियों को बचाने की कोशिश की।

राज्यपाल से की गई मांगें

संयम लोढ़ा ने राज्यपाल से इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से संज्ञान लेने और अन्य जिले के अधिकारियों से निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की है कि दोषी फर्म मांडानी कन्सट्रक्शन को तत्काल ब्लैकलिस्ट (Blacklist) किया जाए और इस भ्रष्टाचार में शामिल सभी दोषी कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, सरकारी राशि का जो दुरुपयोग हुआ है, उसकी वसूली सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।

अपने आरोपों को पुष्ट करने के लिए, लोढ़ा ने ज्ञापन के साथ संवेदक का श्रेणी प्रमाणपत्र (Contractor's Class Certificate), वित्तीय स्वीकृति की प्रतिलिपि (Copy of Financial Sanction), फर्म का रजिस्ट्रेशन (Firm Registration), ग्राम पंचायत का प्रपत्र-5 (Gram Panchayat Form-5) और तहसीलदार (Tehsildar) की रिपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज भी संलग्न किए हैं। यह मामला अब सिरोही की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में गरमा गया है और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

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