जयपुर | राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा उप-निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा-2025 के आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह महत्वपूर्ण परीक्षा आगामी 5 और 6 अप्रैल को आयोजित की जाएगी।
इस परीक्षा में प्रदेश भर के लगभग 7.70 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
आयोग ने राज्य के 41 शहरों में कुल 1174 परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। डमी अभ्यर्थियों और संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाया गया है।
परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहेंगे। केंद्रों पर सघन वीडियो रिकॉर्डिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन भी अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
QR कोड और एडमिट कार्ड के नए नियम
इस बार अभ्यर्थियों को क्यूआर कोड युक्त आधुनिक प्रवेश पत्र के साथ ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके साथ मूल रंगीन फोटो पहचान पत्र लाना अनिवार्य होगा।
सुरक्षा के मद्देनजर, परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में स्थित सभी साइबर कैफे और ई-मित्र केंद्र बंद रखे जाएंगे। ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी न हो।
SOG और फ्लाइंग स्क्वॉड की पैनी नजर
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और फ्लाइंग स्क्वॉड की टीमें लगातार केंद्रों का निरीक्षण करेंगी। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे मोबाइल और ब्लूटूथ पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रश्न-पत्रों की गोपनीयता और सुरक्षित भंडारण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। संदिग्ध अभ्यर्थियों पर पुलिस की खुफिया विंग नजर रख रही है।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के खिलाफ राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2022 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा आयोजन से जुड़े सभी कर्मचारी इस दौरान सीधे आयोग के अनुशासन के अधीन रहेंगे। किसी भी प्रकार की कोताही बरतने पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
अभ्यर्थियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से काफी पहले पहुंचें। देर से आने वाले उम्मीदवारों को किसी भी स्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
किसी भी प्रकार की अनुचित सामग्री या संचार उपकरण ले जाना दंडनीय अपराध होगा। आयोग ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए हर संभव कड़े कदम उठाए हैं।