जयपुर | राजस्थान सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) श्री दिनेश कुमार ने सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए शनिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की। मुख्यालय स्थित अंबेडकर भवन के सभागार में आयोजित इस बैठक में उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की वर्तमान स्थिति की गहन पड़ताल की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
विभागीय योजनाओं की समीक्षा: राजस्थान: सामाजिक योजनाओं में जालसाजी रोकने के लिए AI का होगा इस्तेमाल, एसीएस ने दिए कड़े निर्देश
अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए एआई तकनीक के उपयोग और अन्य राज्यों से तुलना करने के निर्देश दिए।
HIGHLIGHTS
- अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
- योजनाओं में पारदर्शिता लाने और जालसाजी रोकने के लिए एआई (AI) तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया गया।
- कम प्रगति वाली योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और मासिक रिपोर्ट तैयार करने के कड़े निर्देश दिए गए।
- अन्य राज्यों की कल्याणकारी योजनाओं के साथ तुलना कर राजस्थान की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
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एआई तकनीक और पारदर्शिता पर जोर
बैठक के दौरान श्री कुमार ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि योजनाओं में किसी भी प्रकार की जालसाजी या फ्रॉड को रोकने के लिए एआई (AI) तकनीक का सहारा लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से योजनाओं की निगरानी को अधिक सशक्त और त्रुटिहीन बनाया जा सकता है। इससे पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचना अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।
अन्य राज्यों से तुलना और सुधार
एसीएस ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राजस्थान की योजनाओं की तुलना अन्य राज्यों में चल रही इसी प्रकार की योजनाओं से करें। इस तुलनात्मक अध्ययन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने योजनाओं की मासिक प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के भी आदेश दिए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर डेटा का विश्लेषण करने से योजनाओं की कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
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प्रचार-प्रसार और लक्ष्य प्राप्ति
जिन योजनाओं की प्रगति 50 प्रतिशत से कम है, उनकी विशेष रूप से समीक्षा की गई। एसीएस ने ऐसी योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग लाभान्वित हो सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सामाजिक कल्याण की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे पात्र व्यक्ति तक एक निश्चित समय सीमा के भीतर पहुंचना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
प्रमुख योजनाओं की विस्तृत समीक्षा
बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार योजना और आयुष्मान बाल संबल योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना, आवासीय विद्यालयों और कामकाजी महिला छात्रावासों की स्थिति की भी जानकारी ली गई। उत्तर मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक और वित्तीय निर्देश
एसीएस ने मुख्यमंत्री बजट घोषणाओं और निर्देशों की अनुपालना की भी समीक्षा की। उन्होंने कोर्ट केसों के त्वरित निस्तारण और विभागीय पदोन्नति की प्रक्रिया को समय पर पूरा करने को कहा। भारत सरकार से प्राप्त होने वाले बजट आवंटन और उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) को समय पर भेजने के निर्देश दिए गए। बैठक में निदेशक श्री आशीष मोदी ने पीपीटी के माध्यम से सभी योजनाओं की वित्तीय और प्रशासनिक प्रगति की जानकारी दी।
मानवेन्द्र जैतावत