बाड़मेर | राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में इन दिनों एक नया विवाद खड़ा हो गया है, जिसने सामाजिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। यह विवाद प्रसिद्ध भजन गायक छोटू सिंह रावणा और शिव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविंद्र सिंह भाटी के बीच का है।
छोटू सिंह रावणा विवाद: शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी पर धमकी का आरोप, छोटू सिंह रावणा के समर्थन में उतरा रावणा राजपूत समाज
बाड़मेर में भजन गायक छोटू सिंह रावणा और शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के बीच विवाद गहरा गया है। रावणा राजपूत समाज ने विधायक पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए सुरक्षा की मांग की है।
HIGHLIGHTS
- भजन गायक छोटू सिंह रावणा को विधायक रविंद्र सिंह भाटी द्वारा कथित धमकी देने का मामला गरमाया।
- रावणा राजपूत समाज ने बाड़मेर में सड़कों पर उतरकर पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन।
- विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर कैंसर पीड़ित बच्चों से जुड़े एक कमेंट के बाद हुई।
- समाज ने 5 अप्रैल को आगामी रणनीति तय करने के लिए बड़ी बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।
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रविवार को रावणा राजपूत समाज के सैकड़ों युवाओं और बुजुर्गों ने बाड़मेर की सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। समाज का आरोप है कि विधायक ने गायक को फोन पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है।
समाज के लोगों ने एकजुट होकर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक रैली निकाली। वहां उन्होंने एसपी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और इस पूरे मामले में पुलिस के हस्तक्षेप की मांग की।
विवाद की मुख्य वजह
सुरेंद्र सिंह दईया ने मीडिया को बताया कि विवाद की शुरुआत महज एक सोशल मीडिया कमेंट से हुई। छोटू सिंह रावणा ने कैंसर से जूझ रहे मासूम बच्चों का एक वीडियो देखा था।
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उस वीडियो पर संवेदना व्यक्त करते हुए गायक ने लिखा था कि अगर ये बच्चे 'रील स्टार' होते, तो अब तक बड़े-बड़े नेता इनके पास पहुंच गए होते।
हैरानी की बात यह है कि इस कमेंट में किसी भी नेता या विधायक का नाम व्यक्तिगत तौर पर नहीं लिया गया था। इसके बावजूद विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इसे खुद पर ले लिया।
देर रात आई धमकी भरी कॉल
आरोप है कि विधायक ने रात के करीब 11 बजे छोटू सिंह रावणा को फोन मिलाया। फोन पर उन्होंने कथित तौर पर गायक को धमकाया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि विधायक ने गायक को जान से मारने तक की धमकी दी। उन्होंने छोटू सिंह को नीचा दिखाने की कोशिश की, जिससे समाज में गहरा रोष है।
रावणा राजपूत समाज के नेताओं ने कहा कि उन्हें रविंद्र सिंह भाटी से ऐसी उम्मीद बिल्कुल नहीं थी। समाज ने उन्हें हमेशा अपना भाई माना और विधानसभा चुनाव में पूरा समर्थन दिया।
चुनावी समर्थन और अब का धोखा
सुरेंद्र सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान समाज ने रविंद्र सिंह भाटी को 'गोद' लिया था। समाज के हर व्यक्ति ने उनके लिए पसीना बहाया था।
लेकिन आज उसी समर्थन का खामियाजा समाज के एक सम्मानित कलाकार को भुगतना पड़ रहा है। विधायक का यह व्यवहार न केवल निंदनीय है, बल्कि लोकतंत्र के खिलाफ भी है।
समाज के लोगों ने मांग की है कि छोटू सिंह रावणा को तत्काल प्रभाव से पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्हें डर है कि विधायक के समर्थक गायक को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
5 अप्रैल को होगा बड़ा फैसला
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर रावणा राजपूत समाज ने अपनी आगामी रणनीति तैयार कर ली है। समाज की एक बड़ी बैठक 5 अप्रैल को आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में राजस्थान के विभिन्न जिलों से समाज के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में विधायक के खिलाफ कड़े कदम उठाने और आंदोलन को आगे बढ़ाने पर निर्णय होगा।
समाज का कहना है कि छोटू सिंह रावणा अकेले नहीं हैं। बाड़मेर से लेकर पूरे देश का रावणा राजपूत समाज उनके सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
प्रशासनिक जांच का आश्वासन
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल बाड़मेर में माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह न फैल सके।
अब सभी की निगाहें 5 अप्रैल की बैठक पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि विधायक रविंद्र सिंह भाटी इस पूरे मामले पर अपनी क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
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