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जालोर

Sanchore: सांचौर में जिला हटाने पर धरना जारी, सरकार का विरोध

ललित पथमेड़ा ललित पथमेड़ा

सांचौर जिला बचाओ संघर्ष समिति का धरना आज 37वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान हाडेतर ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने सांचौर उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन स

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सांचौर, 3 फरवरी 2025 | सांचौर जिला बचाओ संघर्ष समिति का धरना आज 37वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान हाडेतर ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने सांचौर उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

संघर्ष समिति द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, संघर्ष समिति सांचौर जिले की पुनः बहाली की मांग को लेकर लगातार धरने पर डटी हुई है। पूर्व राज्यमंत्री सुखराम बिश्नोई ने इस मौके पर कहा कि सांचौर जिला जालोर जिले से 145 किलोमीटर दूर स्थित है, और अंतिम गांव आकोड़िंया रणखार करीब 250 किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में जिला मुख्यालय की सुविधा आमजन के लिए अत्यंत आवश्यक थी। उन्होंने सवाल उठाया कि वर्तमान सरकार ने किन आधारों पर सांचौर जिले को निरस्त किया, इस पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

उन्होंने कहा कि सांचौर जिला बनने से आमजन के कार्य सुगमता से निपटाए जा रहे थे और आर्थिक बोझ भी कम था। वर्तमान सरकार द्वारा जिले को निरस्त करना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने बताया कि संघर्ष समिति ने पूरे तथ्यों और प्रमाणों के साथ न्यायालय में याचिका दायर की है और इस मामले का न्यायिक निस्तारण किया जाएगा। साथ ही उन्होंने सरकार द्वारा अतिरिक्त जिला कलक्टर कार्यालय को पहले बंद कर पुनः खोले जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक सांचौर को जिला घोषित नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।

समर्थकों ने सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोपसंघर्ष समिति के सदस्य केशा राम मेहरा, हरलाल कुराडा, पीराराम देवासी, लाखाराम मेघवाल ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार सांचौर जिले के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सांचौर को पहले सही मापदंडों के आधार पर जिला बनाया गया था, तो अब उसे निरस्त करने का क्या औचित्य है? उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे प्रतिनिधियों ने इस मामले में उचित पैरवी नहीं की, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

उन्होंने कहा कि किसी भी लोक कल्याणकारी सरकार की यह जिम्मेदारी होती है कि वह जनहित में लिए गए निर्णयों को आगे बढ़ाए, लेकिन भाजपा सरकार ने पिछले डेढ़ साल से व्यवस्थित रूप से संचालित हो रहे सांचौर जिले को निरस्त कर एक बड़ी भूल की है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सांचौर जिला पुनः घोषित नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।

ग्राम पंचायत हाडेतर के ग्रामीणों ने धरने में दी उपस्थितिआज के धरने में ग्राम पंचायत हाडेतर के पंचायतवासियों ने भाग लिया। इस मौके पर सांचौर बार के वरिष्ठ सदस्य बेचाराराम फालना, समीम खान, मानाराम देवासी, गंगाराम कुराड़ा, कालाराम देवासी, विरधाराम मेघवाल, ओमाराम, सुरेश बिश्नोई, जवानाराम परमार, भागीरथ कुराडा, रुगनाथ गोदारा, केवलाराम, प्रभुराम, रामलाल जजुसन, भानुप्रशाद वासन चौहान, दीपसिंह पुरोहित, प्रभुराम सुथार अरनाय, अनिल कुराड़ा, उदाराम मेघवाल जाजुसन, देरामाराम जाजुसन, निम्बाराम सियोल, बाबुलाल बलाना, प्रकाश देवासी, भाकचंद मालवाडा, सवाराम चौधरी हदेतर सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।

मासिक महापड़ाव की घोषणासंघर्ष समिति के संयोजक एडवोकेट भीमाराम चौधरी ने घोषणा की कि आंदोलन के तहत दैनिक धरना और मासिक महापड़ाव जारी रहेगा। आगामी 4 फरवरी 2025 को ग्राम पंचायत सुथाना के पंचायतवासी धरने में अपनी उपस्थिति देंगे। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि इस धरने एवं महापड़ाव की समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

संघर्ष समिति ने सरकार से मांग की है कि वह जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए सांचौर जिले को पुनः स्थापित करे, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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