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बदलते मौसम में बीमार होने से बचें: मौसम बदलते ही क्यों पड़ते हैं बीमार? एक्सपर्ट से जानें गर्मी आने से पहले खुद को फिट रखने के 11 जरूरी टिप्स

thinQ360 · 29 मार्च 2026, 05:13 शाम
मौसम में बदलाव के साथ ही सर्दी, खांसी और बुखार का खतरा बढ़ जाता है। दिल्ली के एक्सपर्ट डॉ. अरविंद अग्रवाल से जानिए कि इस बदलते मौसम में अपनी इम्यूनिटी को कैसे बढ़ाएं और किन सावधानियों का पालन करें।

दिल्ली | क्या आपको भी मौसम बदलते ही छींकें आने लगती हैं? या फिर हल्का बुखार और थकान महसूस होती है? अगर ऐसा है, तो आप अकेले नहीं हैं। इस स्थिति को अक्सर 'अंडर द वेदर' कहा जाता है, जिसका मतलब है थोड़ा अस्वस्थ महसूस करना।

दरअसल, जब सर्दी का मौसम खत्म होता है और गर्मियों की आहट शुरू होती है, तो हमारा शरीर काफी दबाव महसूस करता है। तापमान, नमी और वायुदाब (बैरोमेट्रिक प्रेशर) में अचानक होने वाले बदलाव हमारे इम्यून सिस्टम को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं।

क्यों बीमार पड़ते हैं हम?

दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. अरविंद अग्रवाल बताते हैं कि मौसम बदलने पर वायरस और बैक्टीरिया अधिक सक्रिय हो जाते हैं। तापमान में बदलाव के साथ शरीर को खुद को एडजस्ट करने के लिए काफी ऊर्जा की जरूरत होती है।

तापमान गिरने या बढ़ने पर शरीर को अपने ब्लड सर्कुलेशन और मेटाबॉलिज्म को तेजी से बदलना पड़ता है। इस प्रक्रिया के दौरान हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी अस्थायी रूप से कमजोर हो जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

शरीर पर मौसम का प्रभाव

जब हवा में नमी या वायुदाब बदलता है, तो साइनस और सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। वातावरण में मौजूद पराग कण (Pollen) और धूल के कण एलर्जी का मुख्य कारण बनते हैं। इससे छींक आना और गले में खराश जैसी दिक्कतें होती हैं।

इसके अलावा, हमारे शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक यानी सर्केडियन रिद्म भी रोशनी और तापमान से प्रभावित होती है। यही कारण है कि मौसम बदलने पर मेलाटोनिन और सेरोटोनिन हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे नींद और मूड पर असर पड़ता है।

किन्हें है सबसे ज्यादा खतरा?

मौसम का मिजाज बदलने पर उन लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए जिनकी इम्यूनिटी पहले से ही कमजोर है। इसमें छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे पहले आते हैं। उनका शरीर बाहरी बदलावों को उतनी तेजी से स्वीकार नहीं कर पाता।

साथ ही, जो लोग पहले से ही डायबिटीज, अस्थमा या दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं, उन्हें संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। गर्भवती महिलाओं और अधिक तनाव लेने वाले लोगों को भी इस दौरान अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

बीमारियों से बचने के 11 जरूरी टिप्स

1. पौष्टिक आहार: अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज और दालें शामिल करें। अदरक, हल्दी, लहसुन और शहद जैसे एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स इम्यून सिस्टम को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

2. हाइड्रेशन का ध्यान: गर्मियों की शुरुआत में शरीर में पानी की कमी होने का जोखिम बढ़ जाता है। दिन भर में पर्याप्त पानी पिएं। नारियल पानी और ताजे फलों का जूस भी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मददगार होता है।

3. पर्याप्त नींद लें: शरीर की रिकवरी के लिए 7 से 9 घंटे की गहरी नींद लेना अनिवार्य है। नींद के दौरान हमारा शरीर डैमेज सेल्स की मरम्मत करता है और इम्यूनिटी को रिचार्ज करता है। तनाव कम करने के लिए योग का सहारा लें।

4. व्यक्तिगत स्वच्छता: संक्रमण से बचने के लिए नियमित रूप से हाथ धोते रहें। बाहर से आने के बाद और खाना खाने से पहले साबुन का इस्तेमाल करें। अपनी पर्सनल हाइजीन मेंटेन करना बीमारियों को दूर रखने का सबसे सरल तरीका है।

5. लेयर्ड कपड़े पहनें: इस मौसम में तापमान में काफी उतार-चढ़ाव होता है। सुबह-शाम की हल्की ठंड और दोपहर की तेज धूप से बचने के लिए लेयर्ड कपड़े पहनें। इससे आप जरूरत के हिसाब से कपड़ों की परत कम या ज्यादा कर सकते हैं।

6. ताजे भोजन को प्राथमिकता: हमेशा ताजा और गर्म भोजन ही करें। बदलते मौसम में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, इसलिए बासी खाने से परहेज करें। इससे पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों और फूड पॉइजनिंग का खतरा कम हो जाता है।

7. फिजिकल एक्टिविटी: रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट तक हल्की एक्सरसाइज या पैदल चलना सुनिश्चित करें। शारीरिक गतिविधि से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है और शरीर के टॉक्सिन्स पसीने के जरिए बाहर निकल जाते हैं।

8. मौसमी फलों का सेवन: विटामिन-सी से भरपूर फल जैसे संतरा, अंगूर और नींबू को डाइट का हिस्सा बनाएं। ये फल एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं जो वायरस से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं।

9. स्क्रीन टाइम कम करें: रात को सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल बंद कर दें। इससे मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर सही रहता है और आपको बेहतर नींद आती है, जो सेहत के लिए जरूरी है।

10. घर की सफाई: एलर्जी से बचने के लिए अपने बिस्तर, पर्दों और घर के कोनों की नियमित सफाई करें। धूल के कण और जाले सांस की बीमारियों को बढ़ावा दे सकते हैं। एयर प्यूरीफायर का उपयोग भी फायदेमंद हो सकता है।

11. शरीर के संकेतों को पहचानें: अगर आपको लगातार थकान, हल्का बुखार या बदन दर्द महसूस हो रहा है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें। ये किसी संक्रमण के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। समय पर डॉक्टर से परामर्श लें।

बच्चों और गर्मियों के लिए खास सलाह

बच्चों की इम्यूनिटी अभी विकसित हो रही होती है, इसलिए उन्हें जंक फूड से दूर रखें। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचें। बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े या टोपी से ढक लें।

संतुलित जीवनशैली ही हर मौसम में स्वस्थ रहने का एकमात्र रास्ता है। अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करके आप न केवल बीमारियों से बच सकते हैं, बल्कि पूरे साल ऊर्जावान महसूस कर सकते हैं। सेहत के प्रति सजग रहें।

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