राजेंद्र नगर, रोड नंबर 12 पहुंचो
पूरा परिचय यह हो सकता है कि वह मूल रूप से कहां का है, उसका घर कहां है, इस ग्लोब के किस हिस्से का है, किस खीत्ते का है, उ...
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पूरा परिचय यह हो सकता है कि वह मूल रूप से कहां का है, उसका घर कहां है, इस ग्लोब के किस हिस्से का है, किस खीत्ते का है, उ...
वहां अब दाढ़ी बनायी जा रही है, बाल काटे जा रहे हैं। रहा होगा कभी सत्कार होटल। मत रो रुनझुन! हम तुम्हारी भूख का मान रखेंग...
वह बारूद का स्वाद भी जानता है और जोहरा बाई की ठुमरी की नजाकत भी समझता है। फिसलन और चुभन जहां एक साथ मिलें और फिर जो तस्व...
जाने को तो हम शैलेश की गाड़ी से भी निकल सकते थे और डाक्टर रवि की गाड़ी से भी। लेकिन इतनी सारी खबरें, खबरों के भीतर की खब...
आंखें देख नहीं पा रहीं, आवाज़ देने पर भी दिमाग का क्रोनोमीटर उसे बता नहीं पा रहा कि यह मिथिलेश है जिसके साथ उसने दर्जनों...
मैंने वादा किया था, मैं लिखूंगा। लगातार लिखूंगा। लिखना बचाता है, इसलिए। संजीदगी से लिखा क्या? वह कौन सा लिखा- पढ़ा है मे...
यह कवि है रवींद्र भारती। बहुत दूर रहते हुए भी जो हमारे बेहद करीब होने की प्रतीति दिलाता है- किसी खेत, किसी खलिहान, किसी...
शेड्स बहुरंगी हैं, लिहाजा विषयांतर भी संभव है क्योंकि कंठ स्वरों में फूटे किस्से एक दिन में खतम नहीं होते। यह वह इतिहास...
पहले पटना सिर्फ पटना हुआ करता था और मुद्दतों सिर्फ पटना ही रहा। दानापुर,फुलवारी, मनेर, सिटी, कुम्हरार, फतुहा, बिहटा, कुल...
उस बुलडोजर की अपनी कोई आवाज़ नहीं होती। कोई भोंपू, कोई मुनादी, कोई डुगडुगी पार्टी नहीं हुआ करती है उसके साथ। तो.. ऐसा ही...
हम एक चिट्ठी लिखना चाहते हैं। हम लिखना चाहते हैं कि धरती के लोगों से हमारा जी भर गया। यह भी कि वह धरती जहां हम पैदा हु...
गुरु का काम ऊर्जावान बनाना होता है लेकिन आग जैसा कुछ अगर हमारे भीतर नहीं है तो वह क्या कर लेगा? कहां से ऊर्जा लायेगा वह...
इसका नाम कचौड़ी गली क्यों पड़ गया? किसने इसे यह नाम दिया और दिया तो फिर पुराना नाम गायब क्यों हो गया? सरकारी दस्तावेज तक...
बूढ़ों के पास निपढ़ औरतों के इस सवाल का कोई जवाब नहीं होता। वे झींकते हैं। वे खीझते हैं। वे अपनी चुप्पी पर सिर खुजाते है...