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ऑस्ट्रेलिया में यूजीपीएफ का विजन: ऑस्ट्रेलिया में यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन ने पेश किया वैश्विक विजन: शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा से बदलेगी दुनिया

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 27 मार्च 2026, 11:47 दोपहर
यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन (यूजीपीएफ) ने ऑस्ट्रेलिया में अपने वैश्विक विजन को साझा किया। चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल के नेतृत्व में संस्था ने शिक्षा, कौशल विकास और भारतीय मूल्यों के माध्यम से मानवता के उत्थान का संकल्प लिया।

जयपुर, 27 मार्च 2026 | ऑस्ट्रेलिया में आयोजित एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन (यूजीपीएफ) के प्रतिनिधिमंडल ने संगठन के वैश्विक विजन, उद्देश्यों और भावी योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इस अवसर पर शिक्षा, कौशल विकास, मानसिक स्वास्थ्य, टिकाऊ कृषि तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में ठोस विचार रखे गए।


इस कार्यक्रम में यूजीपीएफ का नेतृत्व चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल, निदेशक एवं प्रधान सलाहकार डॉ. विक्रांत सिंह तोमर तथा सलाहकार राजेन्द्र सिंह शेखावत (पूर्व आईएएस) ने किया। प्रतिनिधिमंडल ने ऑस्ट्रेलिया में संस्था की गतिविधियों के विस्तार तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए आयामों पर विस्तार से चर्चा की। भारत में पंजीकृत वैश्विकृत स्वयंसेवी संस्था यूनाइटेडग्लोबल पीस फाउण्डेशन का 2025 में लंदन में इंटरनेशनल लॉंचिंग ब्रिटिश पार्लियामेंट में हो चुकी है। इसके बाद 2026 में आस्ट्रेलिया चैप्टर की शुरूआत एक महत्पूर्ण कदम है। 


चेयरमैन का विजन
चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल ने अपने संबोधन में कहा कि यूजीपीएफ का उद्देश्य केवल संस्थागत विकास नहीं, बल्कि मानवता के समग्र उत्थान की दिशा में कार्य करना है। उन्होंने अपने विजन में विश्व शांति, सामाजिक समरसता और नैतिक नेतृत्व को प्राथमिकता देते हुए युवाओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि संस्था आने वाले समय में विभिन्न देशों में अपने अध्याय स्थापित कर एक सशक्त वैश्विक नेटवर्क तैयार करेगी, जो शिक्षा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेगा।

विस्तृत प्रस्तुति: डॉ. विक्रांत सिंह तोमर एवं राजेन्द्र सिंह शेखावत
डॉ. विक्रांत सिंह तोमर एवं राजेन्द्र सिंह शेखावत (पूर्व आईएएस) ने संयुक्त रूप से यूजीपीएफ की कार्ययोजना का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि संस्था का मुख्य फोकस बहुआयामी विकास पर आधारित है, जिसमें आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान प्रणाली का समन्वय शामिल है।


प्रस्तुति के प्रमुख बिंदु निम्न रहे:
क्षमता निर्माण: सरकारी, शैक्षणिक एवं निजी संस्थानों के लिए प्रशिक्षण एवं विकास ढांचे का निर्माण
शिक्षक एवं नेतृत्व विकास: शिक्षकों के कौशल उन्नयन, अनुसंधान तथा नैतिक नेतृत्व पर आधारित कार्यक्रम
कौशल विकास एवं रोजगार: युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित कर रोजगार के अवसर बढ़ाना
टिकाऊ कृषि: पारंपरिक ज्ञान एवं आधुनिक विज्ञान के समन्वय से सतत कृषि को बढ़ावा देना
मानसिक स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण: मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं संतुलित जीवनशैली को प्रोत्साहित करना
अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग: विभिन्न देशों के शैक्षणिक संस्थानों के बीच छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान तथा संयुक्त अनुसंधान

मेलबर्न में महापौर से शिष्टाचार भेंट
ऑस्ट्रेलिया प्रवास के दौरान यूजीपीएफ प्रतिनिधिमंडल ने मेलबर्न के केसी क्षेत्र के महापौर  से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच शिक्षा, युवा विकास और सामुदायिक कार्यक्रमों में सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई।


महापौर ने यूजीपीएफ के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे समाज के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। इस मुलाकात को स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के बीच भविष्य के सहयोग की मजबूत आधारशिला के रूप में देखा जा रहा है।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारतीय ज्ञान परंपरा
कार्यक्रम के दौरान यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि भारतीय ज्ञान परंपरा—जिसमें योग, ध्यान और जीवन दर्शन शामिल हैं—आज वैश्विक स्तर पर अत्यंत प्रासंगिक है। यूजीपीएफ इन तत्वों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली के साथ जोड़कर एक समग्र विकास मॉडल प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

फाउण्डेशन के निदेशक ब्रिगेडियर जितेन्द्रसिंह शेखावत ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में यूजीपीएफ की यह पहल अंतरराष्ट्रीय सहयोग और ज्ञान आदान-प्रदान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रस्तुति ने स्पष्ट किया कि संस्था भविष्य में शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक उत्थान के क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर प्रभावी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। यूजीपीएफ का यह प्रयास भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को विश्व मंच पर स्थापित करने के साथ-साथ वैश्विक शांति और विकास के लिए एक सशक्त पहल के रूप में उभर रहा है।

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