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राजस्थान

गहलोत का भजनलाल पर तीखा पलटवार: अशोक गहलोत का पलटवार: बोले- मेरी सलाह से बौखलाए सीएम, बेटों को सरकार से दूर रखें, राजनीति से नहीं

मानवेन्द्र जैतावत मानवेन्द्र जैतावत

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनकी सलाह से सीएम बौखला गए हैं और राजनीति व सरकार के अंतर को नहीं समझ रहे हैं।

HIGHLIGHTS

  • अशोक गहलोत ने कहा कि सीएम भजनलाल शर्मा अपराधबोध से ग्रसित होकर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।
  • गहलोत ने स्पष्ट किया कि उन्होंने बेटों को सरकार से दूर रखने की सलाह दी थी, राजनीति से नहीं।
  • पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार 'इंतजार शास्त्र' के जरिए जनता को गुमराह कर रही है।
  • गहलोत ने राष्ट्रीय मुद्दों पर पीएम मोदी को घेरते हुए कहा कि आज देश में लोकतंत्र खतरे में है।
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जयपुर | राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ पर जोरदार हमला बोला है। गहलोत ने कहा कि उनकी सलाह से मुख्यमंत्री पूरी तरह बौखला गए हैं।

सरकार और राजनीति का अंतर

गहलोत ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को अपने बेटे-बेटियों को सरकार से दूर रखने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि राजनीति में आना गलत नहीं है, लेकिन सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री शर्मा शायद इस बात को समझ नहीं पा रहे हैं और इसलिए जोधपुर व जयपुर में उनके खिलाफ अनर्गल बातें कर रहे हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों को अपने बेटे-बेटियों और सालों को भी राजनीति में आगे लाना चाहिए ताकि उनके अनुभव का लाभ मिले।

किराये के मकान का उदाहरण

गहलोत ने अपने कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने अपने बेटे वैभव गहलोत को सरकारी आवास में नहीं रखा था।

उन्होंने बताया कि वैभव गहलोत को उन्होंने किराये के मकान में रहने के लिए कहा था ताकि सत्ता का प्रभाव परिवार पर न पड़े।

गहलोत के अनुसार, वर्तमान मुख्यमंत्री को ऐसी बातों से चुभन हो रही है क्योंकि वे अपनी कमियों को छिपाने के लिए दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं।

इंतजार शास्त्र और विकास कार्य

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी सोशल मीडिया सीरीज 'इंतजार शास्त्र' का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जो इमारतें बनकर तैयार हैं, उन्हें जनता के लिए कब खोला जाएगा।

गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे अपने सलाहकारों को बाहर का रास्ता दिखाएं क्योंकि वे उन्हें गलत दिशा में ले जा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किस दिशा में जा रही है, इसका किसी को पता नहीं है और जनता के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स रुके हुए हैं।

देश में हिंदुत्व और भ्रम की राजनीति

गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आज देश में जानबूझकर 'हिंदू खतरे में है' वाला माहौल बनाया जा रहा है।

उन्होंने तर्क दिया कि जब अंग्रेजों और मुगलों के समय हिंदू खतरे में नहीं आए, तो अब हिंदुओं की सरकार होने पर ऐसा कैसे संभव है?

गहलोत ने कहा कि यह केवल जनता को गुमराह करने और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का एक तरीका है, जिसे नई पीढ़ी को समझना होगा।

लोकतंत्र और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग

पूर्व मुख्यमंत्री ने न्यायपालिका और केंद्रीय एजेंसियों की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग का खुलेआम दुरुपयोग हो रहा है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्रियों को जेल भेजा जा रहा है, तो देश का लोकतंत्र खतरे में है।

गहलोत ने कहा कि भाजपा विपक्ष का सम्मान नहीं करना चाहती, जबकि विपक्ष जनता के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण होता है।

चुनाव परिणाम और विचारधारा की लड़ाई

केरल विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए गहलोत ने दावा किया कि वहां कांग्रेस की सरकार बनेगी क्योंकि वहां के लोग अत्यधिक साक्षर और जागरूक हैं।

उन्होंने अपनी सरकार की हार पर भी बात की और कहा कि भीलवाड़ा मॉडल की दुनिया भर में तारीफ होने के बावजूद वे चुनाव हार गए, जो एक विडंबना है।

गहलोत ने अंत में कहा कि आज भाजपा के पास धनबल बहुत है, लेकिन कांग्रेस इस लड़ाई को अपनी विचारधारा के दम पर जीतेगी।

युवाओं से अपील

गहलोत ने युवाओं से देश की स्थिति पर गौर करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में अमीरी-गरीबी की खाई लगातार बढ़ती जा रही है।

उन्होंने कहा कि लोगों को दो वक्त का खाना जुटाना मुश्किल हो रहा है और सत्ता पक्ष केवल तमाशा दिखाने में व्यस्त है।

गहलोत ने जोर देकर कहा कि 2014 में मोदी को केवल 31 प्रतिशत वोट मिले थे, जिसका मतलब है कि 70 प्रतिशत जनता उनके खिलाफ थी।

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