सीकर | राजस्थान के सीकर जिले में सोशल मीडिया पर रील बनाने का भूत एक युवक के लिए मुसीबत बन गया। महज कुछ लाइक्स और फॉलोअर्स के लालच में युवक ने कानून की सीमाओं को लांघ दिया।
जीणमाता थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है जिसने फर्जी हथियार के साथ रील बनाई थी। आरोपी युवक ने पिस्टल जैसा दिखने वाला एक लाइटर हाथ में लेकर वीडियो शूट किया था।
रील के चक्कर में जेल: सीकर में रील का शौक पड़ा भारी: 500 रुपये में लग्जरी कार और 1500 के लाइटर वाली पिस्टल ने युवक को पहुंचाया सलाखों के पीछे
सीकर में सोशल मीडिया पर लाइक्स के लालच में एक युवक को जेल की हवा खानी पड़ी। आरोपी ने पिस्टल जैसे दिखने वाले लाइटर और किराए की लग्जरी कार के साथ रील बनाकर वायरल की थी।
HIGHLIGHTS
- सीकर के जीणमाता थाना क्षेत्र में रील बनाने के आरोप में युवक गिरफ्तार।
- माउंट आबू से 1500 रुपये में खरीदा था पिस्टल जैसा दिखने वाला लाइटर।
- रील के लिए 500 रुपये देकर किराए पर ली थी लग्जरी गाड़ी।
- पुलिस ने दो नाबालिग लड़कियों से भी की समझाइश, रील 3 महीने पुरानी।
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सोशल मीडिया का जुनून और गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम सुजल योगी (21) है। वह धोद क्षेत्र के नागवा का निवासी है। सुजल ने सोशल मीडिया पर प्रभाव जमाने के लिए यह रील बनाई थी।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब इंस्टाग्राम पर एक रील तेजी से वायरल होने लगी। इस वीडियो में एक लग्जरी कार के साथ कुछ युवक-युवतियां नजर आ रहे थे, जिसमें हथियार लहराया जा रहा था।
500 रुपये की कार और 1500 का लाइटर
पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रील में जो लग्जरी गाड़ी दिख रही थी, वह आरोपी की नहीं थी। उसने गाड़ी के मालिक को महज 500 रुपये देकर कुछ देर के लिए रील बनाने की अनुमति ली थी।
वहीं, जिस पिस्टल को देखकर पुलिस और लोग हैरान थे, वह वास्तव में एक लाइटर निकला। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने यह पिस्टलनुमा लाइटर माउंट आबू से 1500 रुपये में खरीदा था।
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पुरानी रील ने अब फंसाया
जीणमाता थानाधिकारी राकेश कुमार मीणा ने बताया कि यह वायरल रील करीब 3 महीने पुरानी है। रील सीकर के प्रसिद्ध रैवासा झील क्षेत्र में शूट की गई थी। वीडियो में एक नाबालिग लड़की भी हथियार लहराती दिखी थी।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान की। मामले में सुजल योगी को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया। साथ ही वीडियो में मौजूद दो नाबालिग लड़कियों को थाने बुलाकर समझाइश की गई।
हथियार और गैंगस्टर्स का महिमामंडन अपराध
राजस्थान पुलिस पिछले काफी समय से सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है। पुलिस का स्पष्ट निर्देश है कि असली या नकली हथियार के साथ रील बनाना कानूनन अपराध है।
गैंगस्टर्स को फॉलो करना, उनके वीडियो लाइक करना या उनके जैसा दिखने का प्रयास करना युवाओं को अपराध की दुनिया की ओर धकेलता है। साइबर सेल लगातार ऐसे अकाउंट्स पर पैनी नजर रख रही है।
युवाओं के लिए पुलिस की चेतावनी
सीकर पुलिस ने इस कार्रवाई के माध्यम से युवाओं को कड़ा संदेश दिया है। पुलिस ने अपील की है कि सोशल मीडिया का उपयोग रचनात्मक कार्यों के लिए करें, न कि दहशत फैलाने या कानून तोड़ने के लिए।
पुलिस के अनुसार, इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर न केवल गिरफ्तारी होगी, बल्कि भविष्य में सरकारी नौकरी और चरित्र प्रमाण पत्र प्राप्त करने में भी बाधा आ सकती है।
रील के चक्कर में बिगड़ती जिंदगी
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि 'डिजिटल वैलिडेशन' की भूख युवाओं को जोखिम भरे कदम उठाने पर मजबूर कर रही है। महज कुछ सेकंड की रील के लिए युवा अपना करियर दांव पर लगा रहे हैं।
सीकर का यह मामला इसी प्रवृत्ति का उदाहरण है। जहां एक खिलौने जैसी दिखने वाली वस्तु और किराए की गाड़ी ने एक होनहार युवक को हवालात के पीछे पहुंचा दिया। पुलिस ने जब्त लाइटर को साक्ष्य के तौर पर पेश किया है।
साइबर सेल की सक्रियता
राजस्थान पुलिस की साइबर शाखा अब इंस्टाग्राम और फेसबुक के एल्गोरिदम का अध्ययन कर रही है। भड़काऊ संगीत और हथियारों वाले वीडियो को तुरंत फ्लैग किया जा रहा है।
जीणमाता पुलिस ने बताया कि आरोपी सुजल के खिलाफ अन्य रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल उसे शांतिभंग की धाराओं में पाबंद किया गया है। पुलिस ने रील डिलीट करने के निर्देश भी दिए हैं।
यह घटना उन सभी के लिए सबक है जो सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए शॉर्टकट अपनाते हैं। कानून की नजर में रील और हकीकत के बीच का अंतर बहुत कम हो जाता है जब सुरक्षा की बात आती है।
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