thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 💡 मनचाही ▶️ YouTube
भारत

रेलवे में 43,230 नियुक्तियां पूरी: भारतीय रेलवे में बंपर भर्ती: इस वित्त वर्ष में 43,230 नियुक्तियां पूरी, 1.5 लाख से अधिक पदों पर चयन प्रक्रिया जारी

प्रदीप बीदावत प्रदीप बीदावत

भारतीय रेलवे ने वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक विभिन्न श्रेणियों में 43,230 नियुक्तियां पूरी कर ली हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में बताया कि पारदर्शी भर्ती के लिए वार्षिक कैलेंडर प्रणाली लागू की गई है और सुरक्षा श्रेणियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

HIGHLIGHTS

  • वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक भारतीय रेलवे ने कुल 43,230 रिक्तियों को सफलतापूर्वक भरा है।
  • सहायक लोको पायलट (ALP) के 18,799 पदों में से 15,873 उम्मीदवारों का पैनल तैयार हो चुका है।
  • रेलवे में भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिए 2024 से वार्षिक भर्ती कैलेंडर की शुरुआत की गई है।
  • लोको पायलटों की कार्यदशा सुधारने के लिए 2,800 से अधिक इंजनों में 'वॉटरलेस यूरिनल' लगाए गए हैं।
indian railways recruitment update 43230 jobs completed fiscal year 2026

नई दिल्ली | भारतीय रेलवे ने रोजगार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान अब तक विभिन्न श्रेणियों के तहत कुल 43,230 नियुक्तियां सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी हैं।

भर्ती प्रक्रिया में आई तेजी

इन नियुक्तियों में तकनीशियन, जूनियर इंजीनियर, पैरामेडिकल स्टाफ, आरपीएफ (RPF) के सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल तथा सहायक लोको पायलट जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि रेलवे अपनी परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। भर्ती की यह प्रक्रिया भारतीय रेलवे के विशाल नेटवर्क और इसकी परिचालन संबंधी जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए निरंतर चलने वाली एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।

सहायक लोको पायलट (ALP) भर्ती का विवरण

लोको पायलट भारतीय रेलवे परिवार के सबसे महत्वपूर्ण सदस्य हैं। वे यात्री और मालगाड़ियों के सुरक्षित और कुशल संचालन में धुरी की तरह कार्य करते हैं। वर्ष 2024 में सहायक लोको पायलट के लिए कुल 18,799 रिक्तियां अधिसूचित की गई थीं। इनमें से अब तक 15,873 उम्मीदवारों का पैनल तैयार किया जा चुका है। वर्ष 2025 के लिए भी 9,970 रिक्तियां अधिसूचित की गई थीं, जिनके लिए प्रथम चरण के कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। भर्ती का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा है। वार्षिक कैलेंडर 2026 के अनुसार, मार्च 2026 में 11,127 नई एएलपी रिक्तियों की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

ऐतिहासिक तुलना: 2004-14 बनाम 2014-25

रेल मंत्री ने पिछले दो दशकों के भर्ती आंकड़ों की तुलना भी प्रस्तुत की। आंकड़ों के अनुसार, 2004-05 से 2013-14 के बीच केवल 4.11 लाख नियुक्तियां हुई थीं। इसके विपरीत, 2014-15 से 2024-25 के बीच यह आंकड़ा बढ़कर 5.08 लाख तक पहुंच गया है। यह रेलवे की कार्यक्षमता और भर्ती के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 43,230 लोगों को रोजगार मिल चुका है, जो युवाओं के लिए एक बड़ी राहत और अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

वार्षिक भर्ती कैलेंडर की क्रांतिकारी शुरुआत

भर्ती प्रणाली में सुधार के उद्देश्य से रेल मंत्रालय ने 2024 से 'वार्षिक कैलेंडर' प्रकाशित करने की एक नई और पारदर्शी व्यवस्था शुरू की है। इस वार्षिक कैलेंडर का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब उम्मीदवारों को परीक्षाओं की निश्चितता रहती है और वे अपनी तैयारी को बेहतर ढंग से नियोजित कर सकते हैं। यह प्रणाली उन युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है जो हर साल पात्र होते हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया, प्रशिक्षण और नियुक्तियों में काफी तेजी आई है।

भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा

रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की परीक्षाएं तकनीकी रूप से अत्यंत जटिल होती हैं। इनमें बड़े पैमाने पर मानव संसाधनों और तकनीक का समन्वय आवश्यक होता है। सरकार का दावा है कि रेलवे ने इन सभी चुनौतियों पर विजय प्राप्त की है। पूरी प्रक्रिया को निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार अत्यंत पारदर्शी तरीके से आयोजित किया गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया के दौरान पेपर लीक या किसी भी प्रकार की अनियमितता का एक भी मामला सामने नहीं आया है।

1.54 लाख रिक्तियों पर चल रही है प्रक्रिया

वर्तमान में, वार्षिक कैलेंडर 2024, 2025 और 2026 के अनुसार अराजपत्रित कर्मियों की 1,54,213 रिक्तियों पर भर्ती की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में चल रही है। जनवरी से दिसंबर 2024 के दौरान, 92,116 रिक्तियों के लिए दस केंद्रीकृत रोजगार सूचनाएं (CEN) जारी की गई थीं। इनमें लगभग हर श्रेणी के पद शामिल थे। इनमें तकनीशियन, आरपीएफ एसआई, जूनियर इंजीनियर, पैरामेडिकल, एनटीपीसी (स्नातक और स्नातक-पूर्व) और लेवल-1 जैसी महत्वपूर्ण श्रेणियां शामिल हैं।

करोड़ों उम्मीदवारों की भागीदारी

रेलवे परीक्षाओं का पैमाना कितना विशाल है, इसका अंदाजा उम्मीदवारों की संख्या से लगाया जा सकता है। 92,116 पदों के लिए कुल 3.58 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। उदाहरण के लिए, लेवल-1 के 32,438 पदों के लिए 1.08 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया। एनटीपीसी स्नातक पदों के लिए 58.41 लाख उम्मीदवार शामिल हुए। इन परीक्षाओं का आयोजन 150 से अधिक शहरों में और 15 विभिन्न भाषाओं में किया गया, ताकि देश के हर कोने के युवाओं को समान अवसर मिल सके।

द्वितीय चरण और कौशल परीक्षण का अपडेट

एएलपी, जूनियर इंजीनियर और एनटीपीसी श्रेणियों के लिए दूसरे चरण के कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT-2) भी सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। इन परीक्षाओं में 5.57 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा, एप्टीट्यूड टेस्ट और टाइपिंग स्किल टेस्ट जैसे विशेष परीक्षण भी संपन्न हो चुके हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि चयनित उम्मीदवारों में से अधिकांश 'सुरक्षा' श्रेणियों से संबंधित हैं, जो रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

वर्ष 2025 के लिए आगामी योजनाएं

वर्ष 2025 के वार्षिक कैलेंडर के अनुसार, 50,970 रिक्तियों के लिए नौ केंद्रीकृत रोजगार सूचनाएं जारी की गई हैं। यह भविष्य की कार्ययोजना का हिस्सा है। इसमें तकनीशियन के 6,238 पद, सेक्शन कंट्रोलर के 368 पद और लेवल-1 के 22,195 पद शामिल हैं। इन पदों के लिए अधिसूचनाएं समयबद्ध तरीके से जारी की जा रही हैं। इनमें से 19,595 पदों के लिए प्रथम चरण की परीक्षाएं पहले ही पूरी की जा चुकी हैं, जिनमें 31.72 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे।

लोको पायलटों के लिए बेहतर कार्यदशा

भर्ती के साथ-साथ रेलवे अपने कर्मचारियों की कार्यदशा सुधारने पर भी ध्यान दे रहा है। विशेष रूप से लोको पायलटों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इंजनों में 'वॉटरलेस यूरिनल' (जल रहित शौचालय) उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 28 फरवरी 2026 तक, 2800 से अधिक इंजनों में यह सुविधा प्रदान की जा चुकी है। यह कदम लोको पायलटों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जो लंबी दूरी की यात्राओं के दौरान अत्यंत आवश्यक होता है।

निष्कर्ष और भविष्य की राह

भारतीय रेलवे अपनी भर्ती प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर मिल रहे हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा दी गई यह जानकारी स्पष्ट करती है कि सरकार रेलवे के बुनियादी ढांचे के साथ-साथ मानव संसाधन विकास पर भी समान बल दे रही है। आने वाले समय में 1.5 लाख से अधिक पदों पर होने वाली नियुक्तियां न केवल रेलवे के संचालन को मजबूत करेंगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी योगदान देंगी।

शेयर करें:

ताज़ा खबरें