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भारत

ईरान संकट पर सरकार का बड़ा बयान: ईरान-इजरायल तनाव: सर्वदलीय बैठक में सरकार का भरोसा, 'भारत में ऊर्जा संकट नहीं, LPG उत्पादन 60% बढ़ा'

गणपत सिंह मांडोली गणपत सिंह मांडोली

ईरान संकट को लेकर हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने देश को भरोसा दिलाया है कि ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। बैठक में बताया गया कि एलपीजी उत्पादन में भारी बढ़ोतरी हुई है और कच्चे तेल की आपूर्ति निरंतर जारी है।

HIGHLIGHTS

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में ईरान संकट पर सर्वदलीय बैठक संपन्न हुई।
  • देश में एलपीजी का उत्पादन 60 प्रतिशत बढ़ा, ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता की कोई बात नहीं।
  • स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज से जल्द 5 और जहाजों के भारत आने की संभावना जताई गई।
  • सरकार ने भरोसा दिलाया कि पैनिक की जरूरत नहीं, भारत सभी पक्षों के संपर्क में है।
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नई दिल्ली | ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह सतर्क है। इसी सिलसिले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विपक्षी दलों को ईरान युद्ध से उपजे हालातों और भारत पर इसके संभावित असर की जानकारी देना था। सरकार ने स्पष्ट किया कि स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।

ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ी राहत

बैठक के दौरान पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर विस्तृत ब्यौरा पेश किया। उन्होंने बताया कि देश में एलपीजी (LPG) का उत्पादन 60 प्रतिशत तक बढ़ गया है। सरकार ने विपक्षी नेताओं को भरोसा दिलाया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं होगी। एनर्जी सिक्योरिटी के मामले पर फिलहाल किसी भी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज और जहाजों की आवाजाही

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज से जहाजों का सुरक्षित निकलना है। सरकार ने बताया कि इस समुद्री रास्ते को भारतीय जहाजों के लिए खोलने पर बातचीत चल रही है। राहत की खबर है कि जल्द ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज से 5 और जहाज भारत पहुंच सकते हैं। इनमें एलपीजी और कच्चे तेल की बड़ी खेप शामिल है जो आपूर्ति बनाए रखेगी।

विपक्ष की मौजूदगी और सरकार का रुख

इस महत्वपूर्ण बैठक में कई दलों के नेता शामिल हुए, हालांकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इसमें मौजूद नहीं रहे। सरकार ने बताया कि भारत सभी अंतरराष्ट्रीय पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है। बैठक में साझा किया गया कि कई और शिप पहले से ही भारत के रास्ते में हैं। सरकार ने जनता से अपील की है कि किसी भी तरह के पैनिक की जरूरत नहीं है।

लगातार निगरानी और कूटनीति

भारत सरकार इस संकट के समय अपनी कूटनीतिक शक्ति का पूरा इस्तेमाल कर रही है। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता भारतीय हितों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सरकार ने दोहराया कि भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा जरूरतों पर इस युद्ध का नकारात्मक प्रभाव कम से कम हो, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

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