जैसलमेर | उत्तर पश्चिम रेलवे ने यात्रियों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर साझा की है। अब जैसलमेर-जयपुर लीलण एक्सप्रेस और अजमेर-दौंड स्पेशल ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन से रफ्तार भरेंगी। यह कदम पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और बेहतर परिचालन सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इससे राजस्थान की रेल कनेक्टिविटी में एक नया अध्याय जुड़ेगा।
इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ेंगी ट्रेनें: जैसलमेर-जयपुर लीलण एक्सप्रेस और अजमेर-दौंड स्पेशल अब इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ेंगी; उत्तर पश्चिम रेलवे का बड़ा फैसला
उत्तर पश्चिम रेलवे ने जैसलमेर-जयपुर लीलण एक्सप्रेस और अजमेर-दौंड स्पेशल ट्रेनों को इलेक्ट्रिक इंजन से चलाने का निर्णय लिया है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और रेल संचालन में सुधार के उद्देश्य से उठाया गया है।
HIGHLIGHTS
- लीलण एक्सप्रेस और अजमेर-दौंड स्पेशल ट्रेनें अब इलेक्ट्रिक इंजन से संचालित होंगी।
- जैसलमेर से लीलण एक्सप्रेस 3 अप्रैल 2026 से इलेक्ट्रिक इंजन के साथ चलेगी।
- अजमेर-दौंड स्पेशल सेवा 2 अप्रैल 2026 से नए इंजन के साथ शुरू होगी।
- इस बदलाव से ईंधन की बचत होगी और पर्यावरण प्रदूषण में कमी आएगी।
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महत्वपूर्ण तिथियां और संचालन
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गाड़ी संख्या 12467/12468 को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है। लीलण एक्सप्रेस जैसलमेर से 3 अप्रैल 2026 से इलेक्ट्रिक इंजन के साथ संचालित होगी। वहीं, जयपुर से यह सेवा 1 अप्रैल 2026 से बिजली से चलने वाले इंजन के साथ शुरू होगी। इसी क्रम में अजमेर-दौंड-अजमेर स्पेशल (09625/09626) को भी इलेक्ट्रिक इंजन से चलाने का निर्णय लिया गया है। यह सेवा अजमेर से 2 अप्रैल और दौंड से 3 अप्रैल 2026 से शुरू होगी।
ईंधन की बचत और बेहतर गति
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रिक इंजन के उपयोग से ईंधन की भारी बचत होगी। इससे रेलवे के परिचालन खर्च में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी। यह बदलाव भारतीय रेलवे के 'नेट जीरो कार्बन एमिटर' बनने के लक्ष्य की ओर एक ठोस और बड़ा कदम है।
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यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा
इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों की गति और समयबद्धता में सुधार होने की प्रबल संभावना है। यात्रियों को अब झटकों से राहत मिलेगी और सफर पहले से अधिक आरामदायक होगा। आने वाले समय में अन्य प्रमुख रेलसेवाओं को भी इलेक्ट्रिक इंजन से जोड़ने की योजना है। रेलवे का यह आधुनिकीकरण राजस्थान के पर्यटन और स्थानीय व्यापार के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगा। इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन से उत्तर पश्चिम रेलवे की क्षमता में वृद्धि होगी। यह कदम तकनीकी प्रगति और हरित ऊर्जा के प्रति रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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