जयपुर | ’आम’ भारत और दुनिया भर में सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले फलों में से एक है।
नाम की रोचक कहानी: फलों का राजा है ’आम’, फिर कैसे हो गया ’लंगड़ा’
आप सोच रहे होंगे कि, आम के फलों का राजा होते हुए भी इस तरह के नाम हैं। यहां तक की आम का एक नाम लंगड़ा भी है। आमों की वैरायटी में लंगड़ा आम सबसे मीठी और सबसे पसंदीदा किस्मों में से एक है।
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- आप सोच रहे होंगे कि, आम के फलों का राजा होते हुए भी इस तरह के नाम हैं। यहां तक की आम का एक नाम लंगड़ा भी है। आमों की वैरायटी में लंगड़ा आम सबसे मीठी और सबसे पसंदीदा किस्मों में से एक है।
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’आम’ भारत की ’आम’ जनता के लिए एक विशेष महत्व रखता है, जिसके चलते इसे फलों का राजा भी कहा जाता है।
भारत में आम की 1500 से भी ज्यादा किस्में पाई जाती हैं। आपूस, तोतापुरी, सफेदा, लंगड़ा और दशहरी इनमें सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं।
अब आप ये भी सोच रहे होंगे कि, आम के फलों का राजा होते हुए भी इस तरह के नाम हैं। यहां तक की आम का एक नाम लंगड़ा भी है।
आमों की वैरायटी में लंगड़ा आम सबसे मीठी और सबसे पसंदीदा किस्मों में से एक है।
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अब मन में ये भी सवाल आ रहा होगा कि इतना स्वादिष्ट होने के बाद भी इसे लंगड़ा नाम कैसे मिला ?
तो आइए जानते हैं आखिर आम लंगड़ा कैसे बन गया।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में के सबसे प्राचीन शहर वाराणसी में कई वर्षों पहले ऋषियों ने एक आम का बगीचा लगाया था।
इसकी देखभाल एक पुजारी को सौंपी गई थी। ये पुजारी दिव्यांग थे।
जिसके चलते यहां के लोग उन्हें लंगड़ा पुजारी कहकर बुलाते थे।
अब ये ही पुजारी आमों के बगीचे की देखभाल करते थे तो आमों को भी लोग लंगड़ा आम कहने लगे।
इसके चलते आम की ये प्रजाति लंगड़ा आम या बनारसी आम के नाम से विख्यात हो गई।
लंगड़े आम की असाधारण मिठास और स्वादिष्ट स्वाद तेजी से लोकप्रियता होता गया। जिससे चलते इसकी और भी जगह खेती होने लगी।
अब लंगड़ा आम पूरी दुनिया भर में फेमस है। भारत दुनिया में आम का सबसे बड़ा उत्पादक देश है।
भारत से इसका बड़े पैमाने पर एक्सपोर्ट होता है। यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश में लंगड़ा आम मुख्य तौर पर उगाया जाता है।
लंगड़ा आम की कैसे करें पहचान?
लंगड़े आम की पहचान भी बड़ी आसान है। ये दिखने में अंडाकार होता है। इसका निचला हिस्सा हल्का नुकीला होता है।
एक दिलचस्प विशेषता यह है कि लंगड़ा आम पूरी तरह से पकने पर भी अपना हरा रंग बरकरार रखता है और हरे रंग का ही रहता है। इसकी गुठली चौड़ी और पतली होती है।
इसका स्वाद भी आमों की अन्य वैरायटी से भिन्न और टेस्टी होता है।
आमों में भी आम का राज कौन ?
जगहों के हिसाब से आम के नाम भी बदल जाते हैं और आम की किस्म भी।
उत्तर प्रदेश वालों के लिए दशहरी आम का राजा है, तो मुंबई के लिए अलफांसो।
बेंगलुरु वाले बंगनपल्ली के स्वाद पर मरते हैं, तो पश्चिम बंगाल के लोग मालदा पर, जबकि बिहार के भागलपुर में होने वाले जर्दालू आम भी बिहार के लोगों के लिए किसी मिश्री से कम नहीं हैं।
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