सिरोही | राजस्थान के सिरोही जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने सरकारी तंत्र को हिलाकर रख दिया है। यहां एक स्वास्थ्य अधिकारी को माफिया ने सरेआम मौत के घाट उतारने की धमकी दी है।
यह मामला रेवदर खण्ड का है, जहां खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी (BCMO) डॉ. सुमेर सिंह भाटी को एक अवैध अस्पताल बंद करना भारी पड़ गया है।
चिकित्सा मंत्री भले ही प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करें, लेकिन इस घटना ने माफियाओं के बढ़ते हौसलों की पोल खोल दी है।
चिकित्सा अधिकारी को माफिया की धमकी: राजस्थान: अवैध अस्पताल बंद करने पर चिकित्सा अधिकारी को मिली जान से मारने की धमकी, मांगी बंदूक की अनुमति
सिरोही जिले में माफिया के हौसले बुलंद हैं। अवैध अस्पताल पर ताला लगाने पर खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी को एक शराब तस्कर ने जान से मारने की धमकी दी है, जिसके बाद डरे हुए अधिकारी ने कलेक्टर से सुरक्षा और हथियार के लाइसेंस की गुहार लगाई है।
HIGHLIGHTS
- सिरोही के रेवदर में अवैध अस्पताल सील करने पर बीसीएमओ को मिली जान से मारने की धमकी।
- खुद को शराब तस्कर बताने वाले आरोपी देवेन्द्र विश्नोई ने दफ्तर में घुसकर दी चेतावनी।
- अवैध अस्पताल में बिना डॉक्टरों के केवल एक नर्स कर रही थी मरीजों का इलाज।
- सुरक्षा के साये में जी रहे अधिकारी ने कलेक्टर से मांगी पिस्तौल रखने की अनुमति।
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अस्पताल के नाम पर मौत का खेल
जानकारी के अनुसार, 16 मार्च 2027 को डॉ. सुमेर सिंह भाटी की टीम ने 'रेवदर चिकित्सालय' का औचक निरीक्षण किया था। यह कार्रवाई एक शिकायत के बाद की गई थी।
जांच में पता चला कि अस्पताल में कोई डॉक्टर या विशेषज्ञ मौजूद नहीं था। पूरा सेटअप केवल 'सोहनी' नाम की एक नर्स के भरोसे चल रहा था।
वहां न तो लैब असिस्टेंट था और न ही कोई फार्मासिस्ट। मरीजों की जान जोखिम में देखकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तुरंत अस्पताल को सील कर दिया।
"इंसान को मारना हमारे लिए मामूली बात है"
अस्पताल सील होने के अगले ही दिन 17 मार्च को देवेन्द्र विश्नोई नाम का व्यक्ति डॉ. भाटी के दफ्तर में जबरन घुसा। उसने खुद को सांचौर का शराब तस्कर बताया।
उसने मेज पर हाथ पटकते हुए कहा कि अस्पताल उसके रिश्तेदार का है। उसने धमकी दी, "हम सांचौर वालों के लिए किसी को मारना कोई बड़ी बात नहीं है।"
आरोपी ने साफ कहा कि अगर आगे कोई कानूनी कार्रवाई हुई, तो अधिकारी को जान से हाथ धोना पड़ेगा। उसने फिर से उसी नर्स से काम करवाने की जिद की।
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अधिकारी ने मांगी पिस्तौल
इस खौफनाक धमकी के बाद डॉ. भाटी बेहद डरे हुए हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
अधिकारी ने पत्र में लिखा है कि उन्हें माफिया से जान का खतरा है, इसलिए उन्हें तुरंत पुलिस सुरक्षा दी जाए। माफियाओं के कारण वे क्षेत्र में काम नहीं कर पा रहे हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने आत्मरक्षा के लिए पिस्तौल के लाइसेंस की भी मांग की है। उनका कहना है कि बिना हथियार के वे सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
यह मामला केवल एक अधिकारी की सुरक्षा का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की साख का है। अगर माफिया सरकारी दफ्तर में घुसकर धमकाएंगे, तो अधिकारी कैसे काम करेंगे?
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र के लोगों में इस घटना को लेकर काफी गुस्सा है और वे आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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