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जोधपुर में ISIS का संदिग्ध दबोचा: जोधपुर में ISIS का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त: सोशल मीडिया पर युवाओं का ब्रेनवॉश करने वाला 19 साल का जीशान गिरफ्तार, 'BENX' ग्रुप से फैला रहा था कट्टरपंथ

गणपत सिंह मांडोली गणपत सिंह मांडोली

जोधपुर के नई सड़क इलाके से 19 वर्षीय जीशान को ISIS से जुड़े होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया है। वह 'BENX' ग्रुप के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा था।

HIGHLIGHTS

  • जोधपुर के नई सड़क इलाके से 19 वर्षीय संदिग्ध जीशान को गिरफ्तार किया गया।
  • आरोपी 'BENX' नाम के सोशल मीडिया ग्रुप के जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहा था।
  • जीशान ने ग्रुप एडमिन बनने के लिए आतंकी विचारधारा से जुड़ी परीक्षा पास की थी।
  • पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मोबाइल से डिलीट किया गया संदिग्ध डेटा रिकवर कर लिया है।
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जोधपुर | राजस्थान की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले जोधपुर शहर से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी संगठन ISIS से जुड़े एक संदिग्ध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। आंध्र प्रदेश पुलिस ने जोधपुर पुलिस के साथ मिलकर एक गुप्त ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई के दौरान शहर के नई सड़क इलाके से 19 वर्षीय युवक जीशान को हिरासत में लिया गया है। जीशान की गिरफ्तारी के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

सोशल मीडिया पर फैला रहा था नफरत

जीशान पर आरोप है कि वह लंबे समय से सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को गुमराह कर रहा था। वह उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़कर देश विरोधी गतिविधियों के लिए उकसा रहा था। जांच में पता चला कि वह 'BENX' नाम के एक विशेष ग्रुप का मुख्य एडमिन था। इस ग्रुप में वह लगातार भड़काऊ वीडियो, फोटो और वॉइस नोट्स साझा करता था ताकि युवाओं का ब्रेनवॉश किया जा सके। वह बहुत ही शातिर तरीके से युवाओं को अपने जाल में फंसाता था।

एडमिन बनने के लिए देना पड़ा 'एग्जाम'

इस मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि जीशान को ग्रुप की कमान आसानी से नहीं मिली थी। उसे पहले आतंकी आकाओं द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन परीक्षा पास करनी पड़ी थी। इस परीक्षा में उसकी कट्टरपंथ के प्रति निष्ठा और तकनीकी जानकारी को बारीकी से परखा गया। जब वह इस मुश्किल 'एग्जाम' में सफल रहा, तभी उसे ग्रुप एडमिन के रूप में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई। यह दर्शाता है कि आतंकी संगठन कितने सुनियोजित तरीके से सक्रिय हैं।

जेल में बंद आतंकियों से जुड़ाव

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जीशान केवल ऑनलाइन ही सक्रिय नहीं था, बल्कि वह जेल में बंद कुछ खूंखार आतंकियों के भी लगातार संपर्क में था। वह उनके नेटवर्क को बाहर से मजबूत करने के लिए काम कर रहा था। गिरफ्तारी के डर से जीशान ने अपने मोबाइल का सारा डेटा डिलीट कर दिया था। उसे लगा था कि वह सभी डिजिटल सबूत मिटा देगा, लेकिन फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने उसकी सारी चालाकी को नाकाम कर दिया और डेटा निकाल लिया।

फॉरेंसिक टीम ने रिकवर किया डेटा

फॉरेंसिक टीम ने जीशान के फोन से हजारों की संख्या में संदिग्ध फाइलें, वीडियो और चैट्स रिकवर कर ली हैं। इन सबूतों से उसके विदेशी कनेक्शन होने की भी प्रबल आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि उसके ग्रुप में और कौन-कौन से स्थानीय युवक शामिल थे। क्या जोधपुर में कोई बड़ा स्लीपर सेल सक्रिय करने की योजना बनाई जा रही थी? सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की गहनता से जांच कर रही हैं।

अभिभावकों के लिए बड़ी चेतावनी

यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या सोशल मीडिया हमारे युवाओं के लिए सुरक्षित है? पुलिस ने अपील की है कि माता-पिता अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर पैनी नजर रखें। फिलहाल, आरोपी जीशान पुलिस की रिमांड पर है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां संभव हैं। जोधपुर पुलिस इस पूरे आतंकी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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