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भारत

मेघालय: जल जीवन मिशन 2.0 समझौता: जल जीवन मिशन 2.0: मेघालय बना सुधार-आधारित एमओयू पर हस्ताक्षर करने वाला 12वां राज्य, 2028 तक हर घर नल जल का लक्ष्य

मानवेन्द्र जैतावत मानवेन्द्र जैतावत

मेघालय ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र के साथ सुधार-आधारित एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता राज्य में ग्रामीण जलापूर्ति को टिकाऊ, सेवा-आधारित और विकेंद्रीकृत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

HIGHLIGHTS

  • मेघालय जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सुधार-आधारित एमओयू पर हस्ताक्षर करने वाला देश का 12वां राज्य बना।
  • मिशन की समयसीमा को बढ़ाकर अब दिसंबर 2028 कर दिया गया है ताकि 100% कवरेज सुनिश्चित हो सके।
  • केंद्र सरकार ने इस मिशन के लिए ₹1.51 लाख करोड़ का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है।
  • मेघालय ने अब तक 83.59% ग्रामीण जल कवरेज हासिल कर लिया है और शेष कार्य जल्द पूरा करने का लक्ष्य है।
meghalaya signs jal jeevan mission 2 mou 12th state

दिल्ली | ग्रामीण जल आपूर्ति को परिणाम-उन्मुख और सेवा-आधारित बनाने की दिशा में मेघालय ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

मेघालय अब जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत केंद्र सरकार के साथ सुधार-आधारित समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने वाला देश का 12वां राज्य बन गया है।

यह कदम मिशन के सुधार-आधारित कार्यान्वयन ढांचे में राज्य की औपचारिक भागीदारी को दर्शाता है, जिसे मार्च 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी।

साझेदारी का औपचारिक शुभारंभ

इस एमओयू पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल और मेघालय के मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा की वर्चुअल उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।

बैठक में जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना और मेघालय के पीएचई मंत्री श्री मारक्विस एन. मारक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

हस्ताक्षर का आदान-प्रदान डीडीडब्ल्यूएस की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति मीणा नाइक और मेघालय सरकार के सचिव श्री प्रवीण बक्शी के बीच संपन्न हुआ।

विकेंद्रीकृत प्रबंधन पर जोर

डीडीडब्ल्यूएस के सचिव श्री अशोक के.के. मीणा ने कहा कि यह समझौता केवल पाइपलाइन बिछाने तक सीमित नहीं है, बल्कि टिकाऊ सेवाओं पर केंद्रित है।

उन्होंने ग्राम पंचायतों और गांव जल एवं स्वच्छता समितियों (VWSCs) को सशक्त बनाने और सामुदायिक स्वामित्व पर विशेष जोर दिया।

यह पहल केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से जल-सुरक्षित भारत बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।

समयसीमा और बजट का विस्तार

केंद्रीय मंत्री श्री सी.आर. पाटिल ने बताया कि मिशन की समयसीमा को प्रधानमंत्री के निर्देश पर दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया गया है।

मिशन के लिए ₹1.51 लाख करोड़ का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया गया है, जिसमें से ₹67,300 करोड़ चालू वित्त वर्ष के लिए आवंटित हैं।

इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य देश के हर ग्रामीण घर में 100% गुणवत्तापूर्ण नल जल कनेक्शन सुनिश्चित करना और जवाबदेही तय करना है।

मेघालय की सराहनीय प्रगति

मेघालय ने अब तक 83.59% ग्रामीण जल कवरेज हासिल कर लिया है, जिसे केंद्रीय मंत्री ने एक बड़ी सफलता करार दिया।

राज्य सरकार से आग्रह किया गया है कि वे शेष 17% कार्य को भी निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करें।

मंत्री ने “विकसित भारत @2047” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर घर में जल और स्वच्छता की अनिवार्य आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री का विजन और प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने कहा कि मेघालय ने 2019 में ही अपनी जल नीति अपना ली थी, जो जल संरक्षण के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है।

राज्य में क्लाइमेट काउंसिल का गठन किया गया है जो मिट्टी संरक्षण और जल जागरूकता जैसे क्षेत्रों में अन्य विभागों के साथ मिलकर काम कर रही है।

संगमा ने विश्वास दिलाया कि राज्य एमओयू के सभी प्रावधानों को लागू करने और संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी लेने के लिए पूरी तरह तैयार है।

दीर्घकालिक जल सुरक्षा का लक्ष्य

यह सुधार-आधारित एमओयू सुनिश्चित करेगा कि ग्रामीण परिवारों को निर्धारित गुणवत्ता का पेयजल नियमित रूप से और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो।

इसमें जन भागीदारी के माध्यम से जल प्रणालियों के टिकाऊ संचालन और रखरखाव को प्राथमिकता दी गई है, जिससे ग्रामीण जीवन स्तर सुधरेगा।

अंततः यह पहल मेघालय को जल-सुरक्षित राज्यों की श्रेणी में शीर्ष पर लाने और भविष्य की जल चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाएगी।

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