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नालंदा मंदिर में भगदड़, 8 की मौत: बिहार के नालंदा में शीतला मंदिर में मची भगदड़: 8 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल; सरकार ने किया मुआवजे का एलान

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बिहार के नालंदा जिले में शीतला मंदिर में मंगलवार को पूजा के दौरान भगदड़ मचने से 8 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।

HIGHLIGHTS

  • नालंदा के शीतला मंदिर में भगदड़ से 8 लोगों की मौत हो गई है।
  • मृतकों में अधिकांश महिलाएं शामिल हैं, कई अन्य घायल हैं।
  • चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार और महावीर जयंती के कारण भारी भीड़ उमड़ी थी।
  • नीतीश सरकार ने मृतकों के परिवारों को कुल 6-6 लाख रुपये मुआवजे का एलान किया।
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नालंदा | बिहार के नालंदा जिले से एक बहुत ही दुखद और हृदयविदारक खबर सामने आई है। यहां के प्रसिद्ध शीतला मंदिर में मंगलवार की सुबह पूजा के दौरान अचानक भगदड़ मच गई।

इस दर्दनाक हादसे में अब तक 8 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है, जिससे पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

हादसे के बाद मंदिर परिसर में चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल हो गया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

अस्पताल का मंजर और घायलों का हाल

बिहारशरीफ के मॉडल हॉस्पिटल के डॉक्टर बिस्वजीत कुमार ने मीडिया को बताया कि अस्पताल में कई लोगों को लाया गया था। उन्होंने पुष्टि की कि मृतकों में अधिकांश महिलाएं हैं।

डॉक्टर के अनुसार, करीब 13 से 14 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया। इनमें से 8 लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि अन्य का उपचार अभी भी जारी है।

दो मरीजों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया है।

भीड़ बढ़ने की मुख्य वजह

नालंदा के दीपनगर थाना क्षेत्र स्थित शीतला मंदिर में यह हादसा उस समय हुआ जब श्रद्धालु बड़ी संख्या में पूजा के लिए कतारों में खड़े थे।

दरअसल, चैत्र महीने का आखिरी मंगलवार होने के कारण मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ था। साथ ही महावीर जयंती का अवसर होने से भीड़ और बढ़ गई थी।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मंदिर परिसर में क्षमता से कहीं अधिक लोग मौजूद थे। इसी दौरान अचानक धक्का-मुक्की शुरू हुई जो देखते ही देखते भगदड़ में तब्दील हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई आपबीती

घटनास्थल पर मौजूद ललित कुमार ने बताया कि वहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए बैरिकेड्स टूट गए थे। बैरिकेड्स टूटते ही लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे।

ललित ने आरोप लगाया कि मौके पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती नहीं थी। अगर समय रहते भीड़ को संभाला जाता, तो शायद यह बड़ा हादसा टल सकता था।

पटना से आई एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि वह मंदिर के अंदर तक नहीं पहुंच सकीं। उन्होंने कहा कि वहां स्थिति इतनी खराब थी कि पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा।

अव्यवस्था और 'पहले दर्शन' की होड़

एक अन्य श्रद्धालु रीना राय ने बताया कि भगदड़ इसलिए हुई क्योंकि कोई भी कतार में नहीं रहना चाहता था। हर कोई दूसरों से पहले दर्शन करने की कोशिश कर रहा था।

उन्होंने कहा कि चैत्र का आखिरी मंगलवार होने के कारण लोग बहुत उत्साहित थे। लेकिन प्रशासन की ओर से भीड़ को संभालने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में महिलाएं बदहवास होकर इधर-उधर भाग रही हैं और एंबुलेंस घायलों को ले जा रही है।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, किया मुआवजे का एलान

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, मृतकों के परिजनों को आपदा प्रबंधन विभाग से 4 लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये दिए जाएंगे।

इस तरह प्रत्येक मृतक के आश्रित को कुल 6 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। नीतीश कुमार ने घायलों के समुचित और मुफ्त इलाज के निर्देश भी दिए हैं।

उपमुख्यमंत्री ने भी व्यक्त की संवेदना

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की है।

उन्होंने लिखा कि सरकार पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए उन्होंने प्रशासन को सतर्क रहने को कहा है।

फिलहाल, स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं। हालांकि, अभी तक किसी बड़े अधिकारी ने इस अव्यवस्था पर खुलकर कोई बयान नहीं दिया है।

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