गृह मंत्रालय का जिम्मा संभालने वाले सीएम अशोक गहलोत कानून व्यवस्था संभालने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं।
जनता की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी होती है लेकिन सीएम गहलोत चुनावी रोटियां सेकने में व्यस्त हैं।
सरकार और प्रशासन भाग रहे जिम्मेदारी से
आप प्रदेश अध्यक्ष पालीवाल ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था अपने आखिरी स्टेज पर है जहां न तो अधिकारी किसी की सुनते हैं और न ही अपराधियों में पुलिस का खौफ है।
आलम ये है कि प्रदेश में बेखौफ अपराधी लगातार जघन्य अपराधों को अंजाम दे रहे हैं।
सरकार औऱ प्रशासन हमेशा की तरह ही अपनी जिम्मेदारी से भागते नजर आते हैं।
पालीवाल ने कहा कि प्रदेश में जिस तरह से दलित युवतियों और महिलाओं के साथ अपराध बढ़ रहा है वो बड़े शर्म की बात है।
जोधपुर में दलित किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म, करौली के हिंडौन कस्बे में दलित समाज की 18 वर्षीय बेटी के साथ गैंगरेप के बाद गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई, ऐसी तमाम घटनाएं प्रतिदिन सामने आ रही हैं जो कि चिंता का विषय है।
नवीन पालीवाल ने कहा कि दलितों के साथ हो रहे अपराध सरकार के लिए भले ही एक आंकड़ा हो, लेकिन आज राजस्थान में दलितों के साथ हो रहे अपराधों को पूरा देश देख रहा है।
खुद की तारीफों के लिए लगवाए गए होर्डिंग
नवीन पालीवाल ने ये भी आरोप लगाया कि सीएम अशोक गहलोत ने ‘प्रशासन गांवों के संग’ और ‘प्रशासन शहरों के संग’ नाम के अभियान चलाए और तारीफ लुटने के लिए जगह-जगह होर्डिंग भी लगवाए गए।
लेकिन करौली के बालघाट थाने में जब एक दलित महिला अपनी बेटी की गुमशुदगी की शिकायत लेकर पहुंची और बेटी को ढूंढने की बात कही तो पुलिसकर्मियों ने पीड़ित महिला के साथ दुर्व्यवहार किया। अगले ही दिन दलित युवती का शव मिला और उसके साथ रेप के बाद हत्या कर दी गई जो कि मुख्यमंत्री के अभियान की पोल खोलता है।