जालोर | राजस्थान के जालोर जिले में एक मां की ममता और न्याय के लिए उसके अटूट संघर्ष ने आखिरकार प्रशासन को झुकने और अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने पर मजबूर कर दिया। माण्डोली के बहुचर्चित गणपत सिंह हत्याकांड में जालोर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह खुलासा मृतक की मां द्वारा किए गए 18 दिनों के कड़े अनशन के बाद हुआ है, जिसने पूरे क्षेत्र में न्याय की गूंज पैदा कर दी थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड की असली वजह अवैध संबंधों से जुड़ी ब्लैकमेलिंग थी।
लापता होने से शव मिलने तक का घटनाक्रम
इस सनसनीखेज वारदात की शुरुआत 27 अगस्त 2024 को हुई थी। गणपत सिंह शाम करीब 7:30 बजे अपनी दुकान से मोटरसाइकिल लेकर निकला था, लेकिन वह रात भर घर नहीं लौटा। चिंतित परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन, 28 अगस्त को माण्डोली सरहद में कोलाया नाडा की ओर जाने वाली ग्रेवल सड़क पर गणपत सिंह का शव बरामद हुआ। उसकी मोटरसाइकिल भी पास ही पड़ी थी। शव को देखकर साफ पता चल रहा था कि उस पर धारदार हथियारों और भारी वस्तु से हमला कर बेरहमी से हत्या की गई थी। इस मामले में मृतक के भाई कल्याण सिंह ने रामसीन थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
