Jaipur | आमिर खान की फिल्म "तारे ज़मीन पर" एक ऐसी कहानी है, जो दिल को छूने वाली है। आमिर खान ने इस फिल्म में निकिल नामक एक आर्ट टीचर का किरदार निभाया, जो एक बच्चे इशान अवस्थी (दर्शील सफारी) के जीवन में एक बड़ा बदलाव लाता है। फिल्म की कहानी एक ऐसे बच्चे की है, जो पढ़ाई में कमजोर होता है और उसे डिस्लेक्सिया जैसी बीमारी का सामना करना पड़ता है, लेकिन उसके माता-पिता और शिक्षक उसकी परेशानी को समझने के बजाय उसे दोषी मानते हैं।

आमिर खान ने इस फिल्म में इशान के शिक्षक की भूमिका निभाई, जो उसके अंदर की काबिलियत को पहचानता है और उसकी मदद करता है। फिल्म का एक बेहद दिलचस्प और भावनात्मक किस्सा है, जब आमिर खान का किरदार निकिल इशान के माता-पिता को समझाने के लिए उनके स्कूल में एक बैठक करता है। वह इशान के दर्द और संघर्ष को बहुत ही भावनात्मक तरीके से व्यक्त करता है और उन्हें बताता है कि इशान जैसा बच्चा भी अपनी अनोखी क्षमता से बहुत कुछ कर सकता है, बस उसे सही दिशा और समर्थन की जरूरत है।

