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राज्य

अजमेर: एडीएम के बयान से पीडब्ल्यूडी अधिकारी-कर्मचारी लामबंद

गणपत सिंह मांडोली गणपत सिंह मांडोली 30

अजमेर (Ajmer) में पीडब्ल्यूडी (PWD) के एक्सईएन (XEN) से मारपीट के बाद एडीएम सिटी (ADM City) के बयान पर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी नाराज हो गए हैं। उन्होंने पेन डाउन हड़ताल (Pen Down Strike) का ऐलान किया है।

HIGHLIGHTS

  1. 1 एडीएम सिटी के बयान से पीडब्ल्यूडी अधिकारी-कर्मचारी नाराज। एक्सईएन से मारपीट के बाद फिर लामबंद हुए कर्मचारी। पेन डाउन हड़ताल का किया ऐलान। सोमवार को जिला कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन।
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एडीएम के बयान से पीडब्ल्यूडी कर्मचारी नाराज

अजमेर: अजमेर (Ajmer) में पीडब्ल्यूडी (PWD) के एक्सईएन (XEN) से मारपीट के बाद एडीएम सिटी (ADM City) के बयान पर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी नाराज हो गए हैं। उन्होंने पेन डाउन हड़ताल (Pen Down Strike) का ऐलान किया है।

अजमेर में पीडब्ल्यूडी (सार्वजनिक निर्माण विभाग) के अधिकारी और कर्मचारी एक बार फिर एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं। यह विरोध एडीएम सिटी द्वारा एक्सईएन (कार्यकारी अभियंता) से मारपीट के मामले में दिए गए बयान को लेकर है।

शनिवार शाम को विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी लामबंद हुए और एडीएम सिटी के बयान पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने 'पेन डाउन' हड़ताल का ऐलान भी कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, शुक्रवार को अजमेर में पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन विपिन जिंदल के साथ मारपीट की घटना हुई थी। इस घटना के बाद जिला प्रशासन के नेतृत्व में दोनों पक्षों के बीच जिला कलेक्ट्रेट में वार्ता हुई थी।

एक्सईएन विपिन जिंदल ने बताया कि वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई थी। लेकिन, जब एडीएम सिटी ने मीडिया को बयान जारी किया, तो उसमें दोनों पक्षों की गलती स्वीकार की गई।

जिंदल का आरोप है कि उनके पक्ष की कोई गलती नहीं थी। एडीएम सिटी के बयान में विरोधाभास है, जिससे पीडब्ल्यूडी के सभी अधिकारी, कर्मचारी, ठेकेदार और सेवानिवृत्त अधिकारी भी नाराज हैं।

एडीएम सिटी के बयान पर नाराजगी

पीडब्ल्यूडी के अधिकारी-कर्मचारियों ने शुक्रवार रात हुई वार्ता के बाद एडीएम की तरफ से दिए गए बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह बयान तथ्यों से परे है और एकतरफा लगता है।

कर्मचारियों में इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि शुक्रवार रात हुई बातचीत के बावजूद मामले का कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला। इसी वजह से उन्होंने पेन डाउन हड़ताल की चेतावनी दी है।

सोमवार को कलेक्टर से मुलाकात और ज्ञापन

आंदोलनकारी कर्मचारियों ने बताया कि सोमवार को सभी पीडब्ल्यूडी अधिकारी-कर्मचारी जिला कलेक्टर लोकबंधु से मुलाकात करेंगे। वे अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपेंगे।

उनकी प्रमुख मांगों में एडीएम सिटी की ओर से दिए गए बयान को फिर से सही तरीके से जारी करना शामिल है। इसके अलावा, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा की व्यवस्था की मांग भी की जाएगी।

इंजीनियरों की सुरक्षा की मांग

पीडब्ल्यूडी के अधिकारी-कर्मचारियों ने विशेष रूप से इंजीनियर स्टाफ की सुरक्षा पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कई महिला इंजीनियर भी काम कर रही हैं, जिनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

कर्मचारियों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से सरकारी कर्मचारियों का मनोबल गिरता है और वे असुरक्षित महसूस करते हैं। इसलिए प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

मारपीट के वीडियो मौजूद होने का दावा

एक्सईएन जिंदल ने बार एसोसिएशन के सचिव के उस बयान का खंडन किया, जिसमें उन्होंने मारपीट न होने की बात कही थी। जिंदल ने दावा किया कि उनके पास मारपीट के सभी वीडियो उपलब्ध हैं, जो घटना का स्पष्ट प्रमाण हैं।

उन्होंने कहा कि इन सभी तथ्यों और मांगों को लेकर ही वे आज फिर से एकजुट हुए हैं। सोमवार तक उनकी पेन डाउन हड़ताल जारी रहेगी।

क्या था एडीएम सिटी का पहले का बयान?

दरअसल, इस मामले में एडीएम सिटी नरेंद्र मीणा ने पहले कहा था कि दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण वार्ता हुई थी। उन्होंने बताया था कि अधिवक्ताओं की ओर से घटना को लेकर खेद प्रकट किया गया था।

एडीएम मीणा ने यह भी आश्वासन दिया था कि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति नहीं होगी। हालांकि, पीडब्ल्यूडी कर्मचारी अब इस बयान से सहमत नहीं हैं और इसे विरोधाभासी बता रहे हैं।

स्पीड ब्रेकर को लेकर हुआ था प्रदर्शन

यह पूरा मामला शुक्रवार दोपहर को शुरू हुआ था, जब अजमेर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र ओझा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कोर्ट के नए भवन के बाहर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग को लेकर था।

प्रदर्शन के दौरान ही मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन के साथ मारपीट हुई थी। इस घटना के बाद पीडब्ल्यूडी के सभी अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार लामबंद हो गए थे, जिसके बाद कलेक्ट्रेट में देर रात तक वार्ता चली थी।

पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों का यह आंदोलन अजमेर में सरकारी कामकाज पर असर डाल सकता है। प्रशासन को जल्द से जल्द इस मामले का समाधान निकालना होगा ताकि स्थिति सामान्य हो सके और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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