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ज़िंदगानी

अजमेर उर्स: 5 हजार पुलिसकर्मी तैनात, वॉयस रिकॉर्डिंग कैमरों से निगरानी

ललित पथमेड़ा ललित पथमेड़ा 61

अजमेर (Ajmer) में 814वें उर्स (Urs) की शुरुआत के साथ ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 5 हजार पुलिसकर्मी और वॉयस रिकॉर्डिंग कैमरे (Voice Recording Cameras) तैनात किए गए हैं। लाखों जायरीन (Pilgrims) की भीड़ में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए यह कदम उठाया गया है।

HIGHLIGHTS

  1. 1 814वें उर्स के लिए अजमेर में सुरक्षा हाई अलर्ट पर। 5 हजार पुलिसकर्मी और वॉयस रिकॉर्डिंग कैमरे तैनात। लाखों जायरीन की भीड़ में अपराधियों पर रहेगी कड़ी नजर। पिछले साल के अनुभव और बम धमकी के बाद बढ़ाई गई चौकसी।
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अजमेर उर्स: 5000 पुलिसकर्मी, वॉयस कैमरे

अजमेर: अजमेर (Ajmer) में 814वें उर्स (Urs) की शुरुआत के साथ ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 5 हजार पुलिसकर्मी और वॉयस रिकॉर्डिंग कैमरे (Voice Recording Cameras) तैनात किए गए हैं। लाखों जायरीन (Pilgrims) की भीड़ में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए यह कदम उठाया गया है।

814वें उर्स के औपचारिक शुभारंभ के साथ ही दरगाह क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हर साल उर्स के दौरान लाखों जायरीन की भीड़ का फायदा उठाकर कई राज्यों से फरार अपराधी अजमेर पहुंचते हैं।

इस बार पुलिस ने ऐसे शातिर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए विशेष वॉयस रिकॉर्डिंग कैमरे लगाए हैं। इन कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों और बातचीत पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था में 5 हजार पुलिसकर्मी तैनात

उर्स क्षेत्र में सुरक्षा के लिए कुल करीब 5 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें 5 एडिशनल एसपी और 8 डिप्टी एसपी भी शामिल हैं, जो पूरे क्षेत्र की कमान संभालेंगे।

सादा वर्दी में जवानों के साथ-साथ अंजनी कोट और ब्लू वर्दीधारी पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद रहेंगे। इसके अतिरिक्त, सीबी, सीआईडी और स्पेशल टीम के जवान भी निगरानी में सहयोग करेंगे।

अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी

पुलिस को अनुमान है कि इस बार दरगाह में 5 से 7 लाख जायरीन आ सकते हैं। इतनी भारी भीड़ में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार जैसे राज्यों से फरार अपराधी, जेबतराश, मोबाइल चोर और स्नैचर सक्रिय हो सकते हैं।

पिछले वर्ष, दरगाह थाना पुलिस ने दिल्ली, बुलंदशहर, शाहजहांपुर, वाराणसी और बिजनौर से आए बदमाशों के एक गिरोह को गिरफ्तार किया था। इसी अनुभव के आधार पर इस बार निगरानी को और भी सख्त किया गया है।

तकनीकी निगरानी और अतिरिक्त सतर्कता

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पहले फेस रिकॉग्निशन सिस्टम लगाने पर विचार किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से यह संभव नहीं हो सका। ऐसे में, पुलिस बल को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के विशेष निर्देश दिए गए हैं।

संदिग्धों पर नजर रखने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संभाग स्तर से अतिरिक्त पुलिस बल भी मंगाया गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी अप्रिय घटना न हो।

बम धमकी के बाद बढ़ी चौकसी

गौरतलब है कि 4 और 10 दिसंबर को एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा कलेक्टर को ई-मेल भेजकर दरगाह और कलेक्ट्रेट में धमाके की धमकी दी गई थी। इस धमकी के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और भी कड़ा कर दिया है।

हाल ही में, पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पूरे उर्स क्षेत्र में रूट मार्च भी निकाला गया था। यह मार्च सुरक्षाकर्मियों की तैयारियों और उनकी उपस्थिति का प्रदर्शन था।

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