भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बारे में कहा जाता है कि वे किसी भी तरह की औपचारिकताओं में भरोसा नहीं करते थे और जिन लोगों से उनकी गहरी मित्रता होती थी उसे वे पूरी सिद्दत से निभाते भी थे.
NCP के सुप्रीमो शरद यादव उनके सबसे गहरे मित्रों में से एक थे. यहाँ तक की जब वे महाराष्ट्र जाते तो वे शरद पंवार के बंगले में ही ठहरते थे.शरद पंवार के घर कोई भी पारिवारिक कार्यक्रम हो चंद्रशेखर उसमे जरूर शिरकत करते थे.

चंद्रशेखर से अपनी मित्रता के बारे में शरद पंवार उनकी जीवनी ' अपनी शर्तो पर ' में खुलकर लिखते है. शरद पंवार की किताब इस बात बात का खुलासा भी करती है कि बाबरी मस्जिद और राम-जन्मभूमि के मामले में को सुलझाने के लिए चन्द्रषेखर के सबसे भरोसेमंद साथियों में शरद पंवार और भैंरों सिंह शेखावत ही थे.
