नौकरी लगने के बाद पत्नि पूनम को ड्यूटी पर रामप्रसाद गुर्जर से प्यार हो गया। इस बात का पता पति संजय को चला तो उसने पूनम के साथ मारपीट की।
बस फिर क्या संजय पूनम के प्रेम संबंधों में रोड़ा बन रहा था तो उसने प्रेमी के साथ मिलकर पति के कत्ल की साजिश रच डाली।
मृतक संजय के पिता ने बताया कि उनके तीन बेटे संजय, अजय और भवानी की शादी 3 सगी बहनों पूनम,सुशीला और सोनिया के साथ साल 2010 में हुई थी।
संजय ने उसकी पत्नि पूनम को शादी के बाद पढ़ा लिखाकर नौकरी लगवाया और खुद गाँव में खेती किसानी करता था। नौकरी लगते ही पत्नि ने अवैध प्रेम संबध बना लिए।
पूनम की 2 सगी बहनों में से एक सोनिया का कहना है कि मेरी बड़ी बहन ने पाप किया है, क्योंकि शादी के बाद भी ससुर और पति ने उस को पढ़ाने के लिए छूट दी थी। जब सरकारी नौकरी लग गई तो उसने अपने ही पति का कत्ल कर दिया।
मालूम हो, यह मामला खोह थाना इलाके के गांव नारायणा चौथ का है। जहां के रहने वाले संजय की पत्नी पूनम सीआरपीएफ में तैनात है।
दिल्ली में पोस्टेड पूनम ने बीते 31 जुलाई को अपने पति संजय को फोन करके दिल्ली बुलाया था। जहां सीआरपीएफ में ही तैनात बानसूर (अलवर) निवासी प्रेमी रामप्रसाद गुर्जर के साथ मिलकर पति संजय की गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद प्रेमी ने शव को अपने बानसूनर स्थित प्लॉट में दफना दिया। लंबे समय से बेटे से संपर्क न होने पर चिंतित परिजनों ने पुलिस में शिकायत की तो घटना का पता चला।
बाद में बहु पूनम ने भी स्वीकार कर लिया की प्रेमी के साथ मिलकर उसने ही अपने पति संजय की हत्या करवाई है।