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बाड़मेर सहकारी बैंक में 120 करोड़ का लोन स्कैम: MD निलंबित

गणपत सिंह मांडोली गणपत सिंह मांडोली 49

बाड़मेर (Barmer) के केंद्रीय सहकारी बैंक (Central Cooperative Bank) में 120 करोड़ रुपए के गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना (Gopal Credit Card Scheme) ऋण घोटाले का पर्दाफाश हुआ। ओवरड्यू सोसायटियों को भी करोड़ों के ऋण बांटे गए। MD वासुदेव पालीवाल (Vasudev Paliwal) निलंबित।

HIGHLIGHTS

  1. 1 बाड़मेर के केंद्रीय सहकारी बैंक में 120 करोड़ रुपए के ऋण घोटाले का खुलासा। नियमों को ताक पर रखकर ओवरड्यू सोसायटियों को बांटे गए करोड़ों के ऋण। बैंक के प्रबंध निदेशक वासुदेव पालीवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। एक लाख के लोन पर 10 हजार रुपए कमीशन लेने और 90 हजार नकद देने का आरोप।
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बाड़मेर बैंक घोटाला: MD सस्पेंड

बाड़मेर: बाड़मेर के केंद्रीय सहकारी बैंक में 120 करोड़ रुपए के गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना ऋण घोटाले का पर्दाफाश हुआ। ओवरड्यू सोसायटियों को भी करोड़ों के ऋण बांटे गए। MD वासुदेव पालीवाल निलंबित।

बाड़मेर की केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) में गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। करीब 120 करोड़ रुपए के ऋण वितरण में गंभीर गड़बड़ी पाई गई है।

नियमों और प्रक्रियाओं को पूरी तरह से दरकिनार करते हुए, उन सोसायटियों को भी करोड़ों के ऋण बांटे गए जो पहले से ही ओवरड्यू थीं। इस मामले में उच्च स्तर पर शिकायतें पहुंचने के बाद तत्काल कार्रवाई की गई है।

120 करोड़ के ऋण वितरण में अनियमितताएं

संयुक्त शासन सचिव प्रहलाद सहाय नागा ने बैंक के प्रबंध निदेशक (MD) वासुदेव पालीवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निलंबन उप रजिस्ट्रार पाली, जितेंद्र कुमार गोदारा द्वारा की गई जांच के बाद हुआ है।

जांच में ऋण वितरण में कई गंभीर अनियमितताएं पुष्ट हुई हैं, जिससे बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। केंद्रीय सहकारी बैंक बाड़मेर की बाड़मेर और बालोतरा जिलों में कुल 20 शाखाएं संचालित होती हैं।

इन शाखाओं के अधीन लगभग साढ़े चार सौ ग्राम सेवा सहकारी समितियां काम करती हैं। राज्य सरकार की विभिन्न ऋण योजनाएं इन्हीं समितियों के माध्यम से लागू की जाती हैं, जिनमें गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना भी शामिल है।

ओवरड्यू सोसायटियों को भी करोड़ों के ऋण

गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना में यह गंभीर आरोप लगा है कि जिन सोसायटियों पर पहले से ही भारी ओवरड्यू बकाया था, उन्हीं में करोड़ों के ऋण मंजूर कर दिए गए। शुरुआती जांच में लगभग 120 करोड़ रुपए के ऋण वितरण में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

बैंक की साधारण सभा की बैठकों में भी जनप्रतिनिधियों ने इस घोटाले की शिकायतें बार-बार उठाई थीं। पशुपालकों के लिए एक लाख रुपए तक के लोन की इस योजना में प्रबंध निदेशक पालीवाल ने नियमों का उल्लंघन किया।

उन्होंने शिव, चौहटन, सेड़वा और धोरीमना जैसी ओवरड्यू चल रही सोसायटियों के पशुपालकों को भी लोन बांट दिए। इन सोसायटियों के खाते पहले से ही अधिभारित थे और नियमों के अनुसार इन्हें न्यूनतम ऋण दिया जाना चाहिए था।

इसके विपरीत, करोड़ों रुपए का ऋण वितरण कर दिया गया, जिससे वित्तीय नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं।

कमीशन और नकद में हेरफेर के आरोप

गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना में एक साल के लिए बिना ब्याज 1 लाख रुपए ऋण देने का प्रावधान है। जिला स्तर पर बाड़मेर-बालोतरा को 20 हजार पशुपालकों को ऋण देने का लक्ष्य मिला था।

लेकिन, अधिकांश ऋण शिव, सेड़वा और चौहटन जैसे कुछ ही इलाकों में बांट दिए गए। साधारण सभा में जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि 1 लाख के लोन के बदले 10 हजार रुपए कमीशन वसूला जा रहा था।

जांच में यह भी सामने आया कि अनेक सोसायटियों में पशुपालकों के खातों में 1 लाख रुपए की एंट्री तो की गई, लेकिन उनको नकद केवल 90 हजार रुपए ही दिए गए। बाकी 10 हजार रुपए कथित तौर पर अधिकारियों और बिचौलियों में बंट गए।

लक्ष्य से अधिक ऋण वितरण और बंदरबांट

कुछ सोसायटियों को उनके निर्धारित लक्ष्य से कई गुना ज्यादा ऋण दिए गए। वहीं, कई सोसायटियों के आवेदन तक नहीं लिए गए, जिससे ऋण वितरण में असमानता और पक्षपात स्पष्ट होता है।

कुल 12,600 पशुपालकों को 120 करोड़ से ज्यादा का ऋण वितरित किया गया। इस वितरण में बड़े स्तर पर बंदरबांट और अनियमितताओं की पुष्टि हुई है।

बाड़मेर जिले में कुल 20 केंद्रीय सहकारी बैंक शाखाएं हैं। इनमें से केवल सेड़वा, चौहटन और शिव शाखाओं में ही 60-65% यानी लगभग 70 करोड़ रुपए का ऋण बांट दिया गया।

यह तब हुआ जब ये तीनों शाखाएं पहले से ही अल्पकालिक ऋणों में डिफॉल्टर चल रही थीं, जो नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

लंबे समय से शिकायतों के बाद कार्रवाई

प्रबंध निदेशक वासुदेव पालीवाल के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें दर्ज हो रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई गई।

जांच रिपोर्ट आने के बाद सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। इस मामले में आगे की विस्तृत जांच अभी जारी है और कई और खुलासे होने की उम्मीद है।

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