अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद
भारतीय किसान संघ
विद्या भारती
भारतीय मजदूर संघ
सह-सरकार्यवाह: डॉ. कृष्ण गोपाल, सी.आर. मुकुंद, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, अतुल लिमये और आलोक कुमार
भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा
भाजपा संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष
यानि भाजपा और संघ का पूरा शीर्ष नेतृत्व एक ही मंच पर नज़र आएगा।
हाल की घटनाओं का विश्लेषण
प्रधानमंत्री मोदी के 15 अगस्त भाषण से जुड़े बिंदु
अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकी संतुलन
वैश्विक आर्थिक हालात और ट्रंप टैरिफ
भारत की सीमाओं की चुनौतियां
स्वावलंबन अभियान
संघ शताब्दी वर्ष और पंच परिवर्तन
संघ का शताब्दी वर्ष 2025-26 में आने वाला है। इसके लिए संघ ने पंच परिवर्तन का संकल्प लिया है:
स्वावलंबन और समाज सुधार
जोधपुर प्रवास के दौरान इन लक्ष्यों पर रणनीति तय की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था
जोधपुर पुलिस ने बैठक स्थल को सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील घोषित किया है।
???? ड्रोन उड़ाने पर रोक लगा दी गई है।
???? आदर्श विद्या मंदिर और आसपास के इलाकों में विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
राजनीतिक महत्व और निहितार्थ
मोदी और संघ का बढ़ता सामंजस्य
प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को खुले मंच से आरएसएस की सराहना की थी। यह भाजपा-संघ के रिश्तों में और गहराई का संकेत है।
संघ की बढ़ती भूमिका
हाल ही में संघ से जुड़े नेता सी.पी. राधाकृष्णन का उप-राष्ट्रपति बनना भी संघ के राजनीतिक प्रभाव की झलक है।
राजस्थान की राजनीति पर असर
राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले यह प्रवास भाजपा की रणनीति में संघ की बड़ी भूमिका का संकेत देता है।
जोधपुर और मारवाड़ की राजनीति हमेशा निर्णायक रही है।
राष्ट्रीय संदेश
अवैध प्रवास और जनसांख्यिकी का मुद्दा आने वाले लोकसभा चुनावों में भाजपा का मुख्य एजेंडा बन सकता है।
स्वावलंबन और आर्थिक आत्मनिर्भरता—मोदी सरकार की विकास नीति के साथ जोड़ी जाएगी।
जोधपुर में होने वाली यह तीन दिवसीय बैठक सिर्फ वार्षिक परंपरा नहीं, बल्कि संघ शताब्दी वर्ष की तैयारियों का आगाज़ है।
मोहन भागवत का नौ दिन का प्रवास, नड्डा-संतोष की मौजूदगी और 32 संगठनों का संगम… ये सब मिलकर यही संदेश दे रहे हैं कि—
???? भारत की राजनीति का आने वाला नक्शा मरुस्थल की इस धरती से तय होगा।
✍️ आपकी राय
क्या संघ की यह बैठक केवल संगठनात्मक है, या इसके पीछे छिपे हैं 2024 के बाद की भारतीय राजनीति के बड़े संकेत?