मदन शाह भी मधुबन विधानसभा क्षेत्र से टिकट की उम्मीद में राबड़ी आवास पहुंचे थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। टिकट कटने से आहत और निराश होकर उन्होंने नाटकीय अंदाज़ में अपना विरोध दर्ज कराया। वायरल क्लिप में वे राबड़ी आवास के बाहर रोते हुए अपना कुर्ता फाड़ते दिखाई देते हैं और बीच सड़क पर लेटकर अपने साथ हुए कथित अन्याय का विरोध करते नजर आते हैं। उनका यह विरोध प्रदर्शन उस समय भी मीडिया और जनता के बीच काफी चर्चा में रहा था, लेकिन चुनाव नतीजों के बाद यह एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है, क्योंकि उनकी 'भविष्यवाणी' सच साबित हुई है। सोशल मीडिया पर यूजर्स इस घटना को बिहार की राजनीति के एक अजीब संयोग के तौर पर देख रहे हैं।
तेजस्वी यादव पर लगाए थे गंभीर आरोप
'घमंडी' बताया और 25 सीटों की भविष्यवाणी
शाह के वायरल वीडियो में वे तत्कालीन पार्टी नेतृत्व और विशेषकर तेजस्वी यादव के बारे में भी कड़े शब्दों में बोलते हुए दिखाई देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी नेतृत्व आम कार्यकर्ताओं या जनता से दूरी बनाए हुए है और उनसे मिलता भी नहीं है, जिससे पार्टी का जनाधार कमजोर हो रहा है। इस दौरान उन्होंने भावुक होकर कहा था कि "ऐसी राजनीति से पार्टी 25 सीटों पर सिमट जाएगी।" यह बयान उस समय एक आक्रोशित कार्यकर्ता का दर्द माना गया था, लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद, जब राजद को वास्तव में 25 सीटें मिलीं, तो सोशल मीडिया यूजर्स एक बार फिर से इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं और शाह की बात को 'सत्य' बता रहे हैं। कई लोग इसे एक नेता का 'श्राप' मान रहे हैं जो पार्टी को लगा।
1990 से पार्टी में सक्रिय, टिकट के लिए पैसों का आरोप
उस वक्त मदन शाह ने मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि वे 1990 से राष्ट्रीय जनता दल से जुड़े हैं और लगातार सक्रिय रहते हुए पार्टी संगठन में योगदान देते रहे हैं। उन्होंने बताया था कि 2020 के विधानसभा चुनाव में वे करीब 2,000 वोटों के अंतर से हार गए थे, जिसके बाद उन्हें इस बार टिकट मिलने का पूरा विश्वास था। उन्हें लगा था कि पार्टी उनके समर्पण, दीर्घकालिक सेवा और पिछले चुनाव में बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें मौका देगी।
हालांकि, टिकट न मिलने पर उन्होंने राजद के ही कुछ नेताओं पर टिकट के लिए पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया था। मदन शाह का कहना था कि उनसे ₹2 करोड़ 70 लाख की राशि की मांग की गई थी, जो उनके लिए असंभव थी क्योंकि वे एक साधारण कार्यकर्ता हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी में कार्यकर्ताओं की कोई कद्र नहीं है और केवल पैसे वाले लोगों को ही मौका दिया जाता है।