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राजस्थान

बोले- किस्सा कुर्सी के खेल का, मुस्कुराहट सिर्फ दिखावा, मनभेद का इलाज आलाकमान के पास भी नहीं 

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गहलोत-पायलट के बीच सुलह के बाद नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस नेताओं की फोटो पोस्ट करते हुए कहा कि, मैं तो वोही खिलौना लूंगा, मचल गया दीना का लाल।  किस्सा कुर्सी के खेल का खिलौना किसको मिलेगा, यह दूर की कौड़ी है। 

HIGHLIGHTS

  1. 1 गहलोत-पायलट के बीच सुलह के बाद नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस नेताओं की फोटो पोस्ट करते हुए कहा कि, मैं तो वोही खिलौना लूंगा, मचल गया दीना का लाल।  किस्सा कुर्सी के खेल का खिलौना किसको मिलेगा, यह दूर की कौड़ी है। 
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Rajendra Rathore

जयपुर | राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 से पहले सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सुलह की बात सामने आते ही विपक्षी पार्टियों में खलबली मची हुई है।

पायलट-गहलोत की सुलह और दोनों के साथ में चुनाव लड़कर  कांग्रेस की फिर से वापसी के ऐलान के बाद भाजपा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है।

भाजपा के नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ कांग्रेस पर हमलवार होते हुए तीखा कटाक्ष किया है। 

राठौड़ ने गहलोत और पायलट के चेहरे की मुस्कुराहट को नकली  बताते हुए कहा कि हर बार की तहर इस बार भी दोनों नेताओं के खिलखिलाते चेहरों के पीछे का असली रंग चुनाव के नजदीक आते ही साफ दिख जाएगा। 

मचल गया दीना का लाल, किस्सा कुर्सी के खेल का

गहलोत-पायलट के बीच सुलह के बाद नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस नेताओं की फोटो पोस्ट करते हुए कहा कि, मैं तो वोही खिलौना लूंगा, मचल गया दीना का लाल। 

किस्सा कुर्सी के खेल का खिलौना किसको मिलेगा, यह दूर की कौड़ी है। 

मनभेद का इलाज आलाकमान के पास भी नहीं 

9वीं बार फिर उसी भाव भंगिमा में दोनों नेता, वो ही आलाकमान, वो ही किरदार और हर बार की तरह इस बार भी नतीजा शून्य ही आएगा, क्योंकि कांग्रेस के इन दोनों नेताओं में जारी मनभेद का इलाज आलाकमान के पास भी नहीं है।

आपको बता दें कि सीएम अशोक गहलोत कल हुई कांग्रेस आलाकमानों की बैठक से पहले ही मीडिया में कह गए थे कि कोई भी नेता कोई चीज मांगे या आलाकमान पूछे यह रिवाज नहीं है।

कांग्रेस पार्टी में अब तक न तो कभी ऐसा हुआ है और ना ही भविष्य में होगा।

कांग्रेस पार्टी और आलाकमान बहुत मजबूत है। यहां किसी भी नेता या कार्यकर्ता में किसी पद की मांग करने की हिम्मत नहीं है। 

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