हालांकि भाजपा में अभी तक के हालातों को देखते हुए तो यहीं कहा जा रहा है कि इस साल होने वाला विधानसभा चुनाव 2023 पीएम नरेन्द्र मोदी के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा।
लेकिन, पिछले कुछ दिनों से वसुधंरा राजे जिस तरह से राजनीति में एक्टिव हुई हैं उससे यह सियासी कयास जोर पकड़ रहे हैं कि शुक्रवार को भाजपा की बैठक में राजे को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने भी दिए थे संकेत
आपको बता दें कि, पिछले दिनों ही राजधानी जयपुर में गहलोत सरकार के खिलाफ हुए महिलाओं के विरोध-प्रदर्शन के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने भी महारानी राजे को लेकर संकेत दिए थे।
उन्होंने नारा लगाते हुए कहा था कि गहलोत सरकार सिंहासन छोड़ो, नारी शक्ति आ रही है।
प्रदेशाध्यक्ष जोशी के इस बयान के बाद से राजे को लेकर संभावनाएं और भी बढ़ गई है।
दिल्ली की बैठक में वसुंधरा राजे भी मौजूद
दिल्ली के भाजपा मुख्यालय में आज हो रही भाजपा की मीटिंग में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के अलावा संगठन महामंत्री बीएल संतोष, प्रदेश प्रभारी अरूण सिंह, सह प्रभारी विजया राहटकर, प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी और वसुंधरा राजे भी मौजूद हैं।
जिसमें सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के मतभेदों को दूर कर पायलट की दो मांगों का स्वीकार कर लिया गया है।
साथ ही आगामी चुनावों पर फोकस करने के लिए कहा गया है। बैठक में तय हुआ है कि कांग्रेस राजस्थान विधानसभा का चुनाव मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में और उनकी तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं को आधार बना कर लड़ेगी।